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मानसून का कहर: दिल्ली से लेकर यूपी, बिहार और पहाड़ी राज्यों तक भारी बारिश की चेतावनी
देशभर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप ले चुका है। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भी मौसम के मिजाज को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है।
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Ankit Yadav
24 अग 2026, 16:20
वर्तमान समय में देश के विभिन्न राज्यों में मानसूनी हवाएं काफी सक्रिय बनी हुई हैं। खासकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों तक बादलों का डेरा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में लगातार हो रही वर्षा से लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न होने लगी है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि आने वाले कुछ घंटों के दौरान बादलों की यह आवाजाही और अधिक तीव्र हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार में झमाझम बारिश
उत्तर प्रदेश और बिहार के तमाम जिलों में मानसून के इस रौद्र रूप ने किसानों और आम नागरिकों दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ दिनों से इन दोनों राज्यों के कई संभागों में लगातार बादलों के बरसने का सिलसिला जारी है। कई नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है, जिससे प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। मौसम विभाग ने यह अनुमान लगाया है कि अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा का दौर बना रह सकता है, जिसके मद्देनजर लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
पर्वतीय राज्यों जैसे कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है। पहाड़ों पर हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर खिसकने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। कई मुख्य मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को अत्यधिक ऊंचाई वाले तथा संवेदनशील क्षेत्रों की तरफ यात्रा करने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार निर्देश जारी किए जा रहे हैं। राहत दलों को मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि जलभराव या अन्य आपदा की स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। आने वाले दिनों में मानसून की यह स्थिति कैसी रहेगी, इस पर मौसम केंद्र लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और लगातार बुलेटिन जारी कर रहा है।