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मानसून का कहर: दिल्ली-यूपी से बिहार तक बारिश का अलर्ट और पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा
देशभर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप ले चुका है। राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू हो गया है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की गंभीर आशंका जताई गई है।
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Ankit Yadav
24 अग 2026, 17:36
देश के कई हिस्सों में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न राज्यों में बादलों का तांडव देखने को मिलेगा। मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ गया है, जिसके चलते प्रशासन और आम नागरिकों दोनों को ही अत्यधिक सतर्क रहने की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है। विशेषकर उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों में भारी बारिश का दौर एक बार फिर लौट आया है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ने की भी आशंका है।
राजधानी और आसपास के राज्यों में झमाझम बारिश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तथा उससे सटे उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में झमाझम बारिश का अनुमान जताया गया है। लगातार हो रही या होने वाली इस बारिश से तापमान में तो गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन साथ ही निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की टर्फ रेखा इस समय इस क्षेत्र के बेहद करीब से गुजर रही है, जिसके कारण बादलों की आवाजाही सघन बनी हुई है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है, जिससे खेतों में खड़े फसलों को लेकर किसानों की चिंताएं भी बढ़ सकती हैं।
बिहार और पहाड़ी इलाकों में बढ़ाई गई चौकसी
बिहार राज्य में भी मानसून के इस उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन की ओर से विशेष अलर्ट जारी कर दिया गया है। राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। लगातार बारिश के कारण पर्वतीय मार्गों पर पत्थरों के खिसकने और रास्तों के अवरुद्ध होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसके चलते चारधाम यात्रा या पर्वतीय पर्यटन पर जाने वाले पर्यटकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और नदी-नालों के पास जाने से पूरी तरह बचें। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और स्थिति के अनुसार नए अपडेट्स जारी किए जा रहे हैं ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।