PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?
फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे
‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल
Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म
दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
मानसून का तांडव: तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय होने से देश के 26 राज्यों में भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी
देशभर में मानसून एक बार फिर अत्यंत आक्रामक रूप धारण कर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार एक साथ तीन प्रमुख मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण लगभग छब्बीस राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
A
Ankit Yadav
30 अग 2026, 14:36
देश के बड़े हिस्से में मानसून की गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं, जिसके चलते मौसम विज्ञान विभाग ने व्यापक स्तर पर चेतावनी जारी की है। मौजूदा समय में एक साथ तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से बारिश का दायरा काफी बढ़ गया है। इसका सीधा असर देश के कई राज्यों पर पड़ रहा है, जहां लगातार बादलों के बरसने की संभावना जताई गई है। खासकर मैदानी इलाकों के साथ-साथ तटीय और पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है, जिससे प्रशासन और आम नागरिकों दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों पर मंडराता नया खतरा
पर्वतीय राज्यों में इस मूसलाधार बारिश के दौर ने स्थानीय प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहले से ही भूस्खलन और रास्तों के बंद होने की घटनाएं सामने आती रही हैं, और इन तीन मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से पहाड़ों पर एक बार फिर गंभीर संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियों और झरनों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बन गया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता आने वाले कुछ दिनों तक इसी तरह बनी रह सकती है। जिन छब्बीस राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां की सरकारों और आपदा प्रबंधन इकाइयों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण कृषि क्षेत्रों को जहां एक तरफ फायदा पहुंच रहा है, वहीं दूसरी तरफ अत्यधिक जलभराव और फसलों के नुकसान की खबरें भी सामने आने लगी हैं।
प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। अनावश्यक यात्राओं से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। जैसे-जैसे ये मौसम प्रणालियां आगे बढ़ेंगी, बारिश के मिजाज में और बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसके लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।