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मानसून की वापसी: राजस्थान में सक्रिय हुआ नया तंत्र, दस जिलों में येलो अलर्ट जारी
राजस्थान के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण राज्य में मानसून की गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं, जिससे कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया है।
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Ankit Yadav
12 सित 2026, 11:30
राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में एक बार फिर से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ी मानसूनी गतिविधियों में बंगाल की खाड़ी के पास सक्रिय हुए नए लो-प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से अचानक तेजी आ गई है। इस मौसमी बदलाव के चलते राज्य के कई इलाकों में झमाझम बारिश होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे आम जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। मौसम विभाग की तरफ से मिली ताजा जानकारियों के अनुसार, इस नए वेदर सिस्टम का सबसे ज्यादा असर राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों पर देखने को मिल सकता है, जहां बादलों की आवाजाही सुबह से ही बनी हुई है।
दस जिलों में येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने संभावित भारी बारिश और तेज हवाओं के मद्देनजर प्रदेश के कुल दस प्रमुख जिलों में येलो अलर्ट घोषित कर दिया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों को भी पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। जिन जिलों के लिए यह विशेष चेतावनी जारी की गई है, वहां के स्थानीय निवासियों और किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लगातार हो रही या होने वाली इस बारिश से तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलती हुई नजर आ रही है। हालांकि, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है, जिसके लिए नगर निगम और स्थानीय निकाय अपनी तैयारियों में जुट गए हैं।
बंगाल की खाड़ी में बने इस कम दबाव के क्षेत्र ने उत्तर भारत के मौसम को एक नया मोड़ दे दिया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि सितंबर के महीने में इस प्रकार की मानसूनी गतिविधियां फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां पिछले कुछ हफ्तों से पानी की कमी महसूस की जा रही थी। कृषि जानकारों का कहना है कि यह बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के पकने के दौरान संजीवनी का काम करेगी। इसके अलावा, राज्य के जल स्रोतों और बांधों में भी पानी की आवक बढ़ने की पूरी उम्मीद है, जो आने वाले महीनों में पेयजल संकट को दूर करने में मददगार साबित होगा।
प्रशासन और आम जनता के लिए निर्देश
इस ताजा मौसमी परिदृश्य को देखते हुए राज्य सरकार और मौसम विज्ञान केंद्र लगातार स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पूरी तरह से पालन करें। जैसे-जैसे यह सिस्टम आगे बढ़ेगा, बारिश का दायरा और अधिक जिलों तक फैल सकता है। आने वाले अगले 48 घंटों के दौरान मौसम का यह मिजाज ऐसा ही बने रहने का अनुमान है, जिससे तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है और ठंडक का अहसास बढ़ने लगेगा।