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मौसम ब्रेकिंग

मौसम का कहर: उत्तराखंड में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से केदारनाथ यात्रा रुकी

उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। भारी बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है, जिससे दूर-दराज से आए श्रद्धालु रास्ते में ही फंस गए हैं।

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Ankit Yadav
12 सित 2026, 12:15
मौसम का कहर: उत्तराखंड में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से केदारनाथ यात्रा रुकी
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में प्रकृति का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए ताजा चेतावनी के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इस भयंकर मानसूनी गतिविधि और लगातार हो रहे लैंडस्लाइड ने केदारनाथ धाम की ओर जाने वाले मार्गों को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है, जिसकी वजह से एहतियातन तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित करना पड़ा है। प्रशासन किसी भी अनहोनी से बचने के लिए बेहद सतर्कता बरत रहा है और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने की सलाह दी गई है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें हाई अलर्ट पर

मौसम विभाग के रेड अलर्ट को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। रास्तों से मलबा हटाने के लिए भारी-भरकम मशीनों और मजदूरों को तैनात किया गया है, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों और बारिश के कारण राहत कार्यों में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक मौसम पूरी तरह से साफ नहीं हो जाता और मार्ग आवागमन के लिए सुरक्षित घोषित नहीं किए जाते, तब तक किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लखनऊ समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए तीर्थयात्री इस समय सोनप्रयाग और अन्य ट्रांजिट कैंपों में इंतजार करने को मजबूर हैं। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पुलिस और प्रशासन लगातार अनाउंसमेंट कर रहे हैं ताकि कोई भी व्यक्ति खतरे वाले जोन की ओर न जाए। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों के खाने-पीने और ठहरने के लिए उचित इंतजाम करने के भी दावे किए हैं। पिछले कुछ वर्षों में मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में इस तरह की आपदाएं आम हो गई हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों को मौसम के पूर्वानुमान को पूरी तरह जांचने के बाद ही पहाड़ी यात्रा का प्लान बनाना चाहिए। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही मौसम में थोड़ा सुधार होगा, वैसे ही रास्तों की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। तब तक के लिए सभी श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की गई है। सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है ताकि केदारनाथ जाने वाले और अन्य फंसे हुए यात्री अपने परिजनों से संपर्क कर सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें।
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