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मौसम का यू-टर्न: मानसून कमजोर पड़ते ही राजस्थान में बढ़ी गर्मी, पांच शहरों में पारा 37 डिग्री के पार
राजस्थान में मानसूनी गतिविधियों के सुस्त पड़ने के साथ ही गर्मी ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को राज्य के कम से कम पांच प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया, जिससे लोगों को उमस और तीखी धूप का सामना करना पड़ रहा है।
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Ankit Yadav
30 अग 2026, 15:31
राज्यभर में मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के बाद अब मानसून की सक्रियता में कमी आई है। इसके परिणामस्वरूप बादलों के छंटने और धूप के तीखे तेवर होने के कारण तापमान में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडल में नमी बने रहने और बारिश का दौर थमने से उमस भरी गर्मी का अहसास और अधिक बढ़ गया है, जिससे लोग दोपहर के समय घरों में रहने को मजबूर हैं।
पांच शहरों में तापमान 37 डिग्री के पार
राज्य के विभिन्न संभागों से मिल रहे तापमान के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार का दिन काफी गर्म महसूस किया गया। कम से कम पांच बड़े शहरों में पारा 37 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया। हालांकि मानसून के इस दौर में इस तरह की गर्मी सामान्य से थोड़ी अधिक मानी जा रही है, लेकिन अचानक तापमान बढ़ने से लोगों को अक्टूबर जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में चिलचिलाती धूप ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया है, और दोपहर के वक्त सड़कों पर आवाजाही भी कम नजर आई।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की टर्फ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है या उसकी सक्रियता में कमी आई है, जिसके चलते बारिश की गतिविधियों में यह ब्रेक लगा है। आगामी कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम के शुष्क बने रहने की संभावना जताई जा रही है। यदि अगले कुछ दिनों तक नया वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं हुआ, तो तापमान में और अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे गर्मी के तेवर और ज्यादा तीखे हो सकते हैं।
किसानों और आम जनता की चिंताएं बढ़ीं
इस अचानक मौसम परिवर्तन का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। जिन इलाकों में फसलों को इस समय हल्की बारिश की आवश्यकता थी, वहां तापमान बढ़ने और नमी कम होने से चिंताएं बढ़ने लगी हैं। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह मानसून का एक सामान्य उतार-चढ़ाव हो सकता है और सितंबर के महीने में एक बार फिर से बारिश का नया दौर शुरू होने की उम्मीद है। तब तक लोगों को इस गर्मी और उमस भरे माहौल से जूझना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी इस बदलते मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अचानक बढ़े तापमान और धूप के कारण डिहाइड्रेशन, वायरल बुखार और पेट से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों से अपील की गई है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें और अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें ताकि इस मौसमी बदलाव के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।