दस राज्यों में बारिश का कड़ा अलर्ट देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की बेरुखी और अनिश्चितता लगातार बनी हुई है क्योंकि मॉनसून की वापसी के शुरुआती चरण के दौरान ही देश के दस महत्वपूर्ण राज्यों में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने की पूरी संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार आने वाले कुछ दिनों के भीतर कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ भारी बौछारें देखने को मिल सकती हैं जिससे आम जनजीवन और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। जिन क्षेत्रों में यह चेतावनी मुख्य रूप से लागू की गई है वहां स्थानीय प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी पूरी तैयारी कर ली है और निचले तथा जलभराव वाले इलाकों पर खास नजर रखी जा रही है ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। किसानों की कटी हुई फसलें और खेतों में खड़ी पैदावार भी इस अचानक होने वाली बारिश की वजह से खतरे में आ सकती है जिसे लेकर कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को अपनी उपज सुरक्षित स्थानों पर रखने की सख्त सलाह दी है और प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान को पूरी तरह से रोका जा सके और राहत कार्यों को तुरंत शुरू किया जा सके।
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की आहट मैदानी इलाकों में जहां एक तरफ उमस भरी बारिश और बादलों की आवाजाही का दौर जारी है वहीं दूसरी तरफ देश के उत्तरी छोर पर स्थित ऊंचे पर्वतीय और पहाड़ी अंचलों में मौसम ने बिल्कुल ही अलग करवट ले ली है। पर्वतीय श्रृंखलाओं के उच्च शिखरों पर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है जिसके चलते मौसम विभाग ने आधिकारिक तौर पर बर्फबारी शुरू होने की प्रबल संभावना जताई है जो आने वाले दिनों में और अधिक तीव्र हो सकती है। सामान्य तौर पर जब मॉनसून अपनी वापसी की यात्रा शुरू करता है तब वातावरण में दबाव प्रणालियों के कारण इस तरह के नाटकीय बदलाव देखने को मिलते हैं जिनका सीधा असर उत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति और वहां की स्थानीय जलवायु पर पड़ता है। इन बर्फीली हवाओं और पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाले हिमपात का असर धीरे-धीरे मैदानी इलाकों तक भी महसूस किया जाने लगेगा जिससे तापमान में और अधिक गिरावट आएगी और सर्दियों के आगमन का अहसास होने लगेगा। पर्यावरण वैज्ञानिकों और मौसम विश्लेषकों का यह मानना है कि इस बार मौसम का यह चक्र थोड़ा अलग तरीके से आगे बढ़ रहा है जिसके कारण पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर घूमने आने वाले पर्यटकों को भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा या रास्ते के अवरुद्ध होने से बचा जा सके।
फसलों और दैनिक जीवन पर गहरा असर मौसम में आ रहे इस अचानक और व्यापक बदलाव का सीधा असर देश के कृषि क्षेत्र के साथ-साथ आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर भी बहुत गहराई से पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश और अचानक से बदले तापमान के मिजाज के कारण सड़कों पर यातायात व्यवस्था बाधित होने की आशंका बनी हुई है और जिला प्रशासन ने यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। बिजली आपूर्ति और संचार माध्यमों पर भी इस खराब मौसम का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है जिससे निपटने के लिए संबंधित विभागों के कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सके। इसके अलावा इस बेमौसम बरसात और ठंडक के कारण मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों को पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का स्टॉक रखने और पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि मौसम का यह नया मिजाज देश के विभिन्न हिस्सों में किस प्रकार के हालात पैदा करता है और सरकार तथा स्थानीय निकाय मिलकर इनसे किस तरह से प्रभावी ढंग से मुकाबला करते हैं ताकि आम जनता को कम से कम परेशानियों का सामना करना पड़े।