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मौसम की चेतावनी: यूपी के 13 जिलों में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट, काशी में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब

उत्तर प्रदेश के मौसम को लेकर एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आ रही है। राज्य के तेरह जिलों में भारी मानसूनी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

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Ankit Yadav
04 सित 2026, 15:27
मौसम की चेतावनी: यूपी के 13 जिलों में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट, काशी में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य के कुल तेरह जिलों में शुक्रवार को मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है। इस अचानक होने वाली भारी बरसात के कारण निचले हिस्सों और नदी किनारे बसे गांवों में पानी भरने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।

वाराणसी में गंगा का बढ़ता जलस्तर

धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी यानी वाराणसी में भी हालात चिंताजनक बनते जा रहे हैं। यहां से गुजरने वाली पवित्र गंगा नदी का जलस्तर लगातार ऊपर चढ़ रहा है और यह चेतावनी बिंदु के काफी करीब पहुंच गया है। नदी के बढ़ते वेग और जलस्तर को देखते हुए घाटों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। नाविकों और पर्यटकों को भी पानी की बढ़ती रफ्तार के मद्देनजर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासनिक स्तर पर आपदा से निपटने के लिए तमाम तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिन तेरह जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है, वहां के जिलाधिकारियों और राहत दलों को पूरी तरह मुस्तैद रहने के आदेश थमाए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत शिविर स्थापित करने और नावों की व्यवस्था करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जलभराव के बाद फैलने वाली बीमारियों से निपटा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के इस दौर में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। शहरी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या आम जनता के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई जगहों पर खेतों में पानी भर जाने से फसलें खराब हो सकती हैं। आने वाले कुछ घंटों में मौसम का रुख क्या करवट लेता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने आम जनता से अपील की है कि वे बेवजह घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी की जा रही दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। लगातार बारिश के बीच हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित आपदा से समय रहते निपटा जा सके।
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