दिल्ली और उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों से मानसूनी बादलों के लौटने का सिलसिला शुरू हो चुका है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से आगामी दो दिनों के भीतर मानसून की पूर्ण विदाई तय मानी जा रही है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों से मानसूनी प्रणाली ने पहले ही अपनी विदाई दर्ज करा दी है और वहां का मौसम पूरी तरह से शुष्क होने लगा है। इन क्षेत्रों में अब उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने लगा है जिसके चलते तापमान में हल्की गिरावट और उमस भरे मौसम से राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विज्ञानियों का आकलन है कि इन इलाकों में अब बारिश का दौर थम चुका है और आने वाले दिनों में आसमान साफ रहने की पूरी संभावना बनी हुई है।
अन्य राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी एक तरफ जहां उत्तर भारत के कई मैदानी इलाकों से मानसून अपने अंतिम चरण में पीछे हट रहा है, वहीं देश के पूर्वी और मध्य हिस्से के कई राज्यों में अभी भी बादलों की सक्रियता बनी हुई है। बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है। इन राज्यों में सक्रिय मानसूनी ट्रफ और कम दबाव के क्षेत्रों के कारण नमीयुक्त हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर गरज और चमक के साथ भारी बौछारें पड़ रही हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय हो रही यह मानसूनी बारिश खरीफ की फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रही है, विशेषकर उन इलाकों में जहां धान की फसल अपने विकास के अंतिम चरण में है। जल स्रोतों और जलाशयों का जलस्तर भी इस मानसूनी गतिविधि के कारण संतोषजनक स्थिति में बना हुआ है।
मौसम में बदलाव और आगामी पर्वतीय रुझान मानसून की इस विदाई और सक्रियता के मिले-जुले असर से देश भर के मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर पश्चिम भारत में जहां धीरे-धीरे हल्की सर्दी की आहट महसूस होने लगी है, वहीं पूर्वी और मध्य भारत के हिस्सों में अभी कुछ और दिनों तक मानसूनी बौछारों का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि जैसे-जैसे सितंबर का महीना समाप्ति की ओर बढ़ेगा, देश के बाकी हिस्सों से भी मानसूनी हवाएं पूरी तरह पीछे हट जाएंगी और शरद ऋतु का प्रवेश शुरू होगा। इस बदलाव के चलते किसानों और आम जनजीवन को अपनी गतिविधियों को नए मौसम के अनुकूल ढालने का अवसर मिल रहा है। वायु गुणवत्ता और तापमान के स्तर में भी आने वाले हफ्तों में बड़ा परिवर्तन दर्ज किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।