Lucknow Desk : लखनऊ के अलीगंज इलाके में चिन्हित 51 भवनों की जांच अब 5 सितंबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट की जांच टीम इस दिन लखनऊ पहुंचेगी और अलीगंज जाकर इन भवनों का मौके पर सत्यापन करेगी। इससे पहले टीम के 24 अगस्त को लखनऊ आने का कार्यक्रम तय था, लेकिन कार्यक्रम में बदलाव के बाद जांच की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। इस जांच की खास बात यह होगी कि भवनों की स्थिति सिर्फ सरकारी कागजों और रिकॉर्ड के आधार पर नहीं देखी जाएगी। टीम मौके पर जाकर यह भी जांच करेगी कि संबंधित भवनों का निर्माण स्वीकृत नक्शे के मुताबिक हुआ है या नहीं। नक्शे में जो निर्माण मंजूर किया गया था और जमीन पर वास्तव में जो भवन बना है, दोनों का मिलान किया जाएगा।
जांच के दौरान भवनों के निर्धारित सेटबैक पर भी खास नजर रहेगी। इसके अलावा निर्माण की ऊंचाई, कुल क्षेत्रफल और दूसरे जरूरी निर्माण मानकों की भी जांच की जाएगी। यानी यह देखा जाएगा कि भवन मालिकों ने निर्माण के दौरान तय नियमों का कितना पालन किया है और कहीं स्वीकृत मानकों से अधिक निर्माण तो नहीं किया गया। अलीगंज में चिन्हित सभी 51 भवनों की स्थिति जांच के बाद सामने आएगी। अगर किसी भवन में गंभीर स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, मामूली अनियमितता वाले मामलों में अलग रुख अपनाने की संभावना है। इसी के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की संभावित कंपाउंडिंग को लेकर भी चर्चा चल रही है। कुछ भवन मालिकों को मामूली उल्लंघन के मामलों में कंपाउंडिंग के जरिए निर्माण को नियमित कराने का आखिरी मौका मिल सकता है। इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा करना पड़ सकता है। हालांकि गंभीर और नियमों के खिलाफ किए गए अनियमित निर्माण को कंपाउंडिंग का लाभ मिलने की संभावना कम है। मौके पर होने वाली जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस भवन में किस स्तर की गड़बड़ी है और उसके खिलाफ क्या कदम उठाया जाएगा।