Lucknow Desk : वाराणसी में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कांग्रेस नेता अजय राय के मछली भोज में शामिल होने को लेकर सवाल उठाए हैं। राजभर ने कहा कि खुद को कट्टर सनातनी मानने वाला व्यक्ति सावन के महीने में मांस-मछली के कार्यक्रम में क्यों गया, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि वह अजय राय को जानते हैं और अजय राय मांस-मछली नहीं खाते, लेकिन फिर भी ऐसे कार्यक्रम में जाने की वजह समझ से परे है। अखिलेश यादव के ‘चवन्नी से रुपया’ वाले बयान पर भी राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सब कुछ साफ हो जाएगा और अखिलेश यादव ‘पैसा’ हो जाएंगे। राजभर ने दावा किया कि अखिलेश यादव ने उन्हें एक चिट्ठी लिखकर कहा था कि वह स्वतंत्र हैं और जहां जाना चाहें, जा सकते हैं।
राजभर ने सपा और कांग्रेस के पिछले चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों दल पहले 47 सीटों पर सिमट गए थे, जबकि उनके साथ आने के बाद उनकी सीटों की संख्या बढ़ी। इसी वजह से अब उन्हें ‘चवन्नी’ कहा जा रहा है, ऐसा राजभर का कहना है। मुख्तार अंसारी के परिवार से अपने रिश्ते पर राजभर ने कहा कि उनका परिवार से लगाव अभी भी है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के समय तय किया जाएगा कि टिकट देना है या नहीं। बीजेपी द्वारा मुख्तार अंसारी को माफिया कहे जाने पर उन्होंने कहा कि वे ऐसा नहीं मानते।
महिलाओं को 40 हजार रुपये देने के अखिलेश यादव के वादे पर भी राजभर ने सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब सपा सरकार में थी, तब महिलाओं को यह राशि क्यों नहीं दी गई। शामली में सिंगर की हत्या और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हो रही हत्या, लूट और डकैती के लिए अखिलेश यादव के लोग जिम्मेदार हैं। साथ ही उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। राजभर के इन बयानों के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।