कंटाप
NEWS
शनिवार, 24 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'अरुणाचल बॉर्डर पर भारत और चीन आमने-सामने बने हुए हैं', आईटीबीपी डीजी के बयान पर सियासत गरमाई      बिहार की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट: एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, बिल्डिंग के बाहर शव बिखरे; घनी आबादी क...      PHOTOS: स्कॉर्पियो से कैदी वाहन और महंगे होटलों से जेल के खाने तक... मॉडल श्रद्धा दुबे का डाउनफॉल!      राहुल गांधी पर पीएम मोदी के लगातार हमले लेकिन नेहा बोरा-दीपके पर चुप्पी के क्या मायने हैं      'पता नहीं डोनाल्ड ट्रंप को कब अक्ल आएगी...', अमेरिकी राष्ट्रपति पर क्यों भड़क उठे फारूक अब्दुल्ला?      फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम... जामिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर किसने लिखा, 'नो स्पेस फॉर संघी'      यूसुफ पठान के विवादित प्लॉट को नगर निगम की भी मंजूरी, कांग्रेस बोली- 1 वोट की कीमत 15 करोड़      दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की नेहा बोरा की याचिका, कहा- कार्रवाई शुरू करने के लिए पर्याप्त जानकारी और दस्तावे     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

चुनाव आयोग का राष्ट्रव्यापी विशेष मतदाता सत्यापन अभियान (SIR) शुरू, फर्जी नामों पर लगेगी लगाम

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश की मतदाता सूचियों को पूरी तरह पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए विशेष इन-डेप्थ वोटर वेरिफिकेशन (SIR) अभियान शुरू किया है।

X
Kantap News डेस्क
30 जुल 2026, 12:36
चुनाव आयोग का राष्ट्रव्यापी विशेष मतदाता सत्यापन अभियान (SIR) शुरू, फर्जी नामों पर लगेगी लगाम

आगामी महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों और स्थानीय निकायों के निर्वाचनों को निष्पक्षता से संपन्न कराने के उद्देश्य से भारतीय निर्वाचन आयोग ने देश भर में 'स्पेशल इन-डेप्थ वोटर वेरिफिकेशन' (SIR) अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का प्रत्यक्ष सत्यापन कर रहे हैं। आयोग का मुख्य लक्ष्य मतदाता सूची से दोहरे नाम, स्थानांतरित (Shifted) हो चुके व्यक्तियों और मृत मतदाताओं के नाम हटाना है, ताकि निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, बीएलओ मोबाइल ऐप और डिजिटल प्री-प्रिंटेड फॉर्म्स के जरिए मतदाताओं के पते, फोटो और विवरण की जांच कर रहे हैं। जिन मतदाताओं के नाम पुरानी मतदाता सूचियों (2002-2004) से मैप हो चुके हैं, उनसे अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग नहीं की जा रही है, जिससे आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोग ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को भी अपने पोलिंग स्टेशन स्तर के प्रतिनिधियों (BLA) को इस प्रक्रिया में शामिल करने का सुझाव दिया है।

इस देशव्यापी सत्यापन प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा, जिस पर आम नागरिक और राजनीतिक दल अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि एक-एक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना आयोग की प्राथमिकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस डिजिटल सत्यापन अभियान से फर्जी वोटिंग की गुंजाइश खत्म होगी और देश की लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया पर जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज