कंटाप
NEWS
रविवार, 6 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
दिल्ली में एक इमारत ढही, चश्मदीद ने कहा- मलबे के अंदर से आ रही हैं बचाने की आवाज़ें      सहारनपुर में तोड़ी गई जो मस्जिद, उसके नीचे से निकला कुआं; सामने आया वीडियो      झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन, देर रात पड़ा दिल का दौरा      पीएम मोदी ने विरोधियों को बताया 'नाराज़ फूफा', दिमाग़ी नक्सली का फिर किया ज़िक्र      नेपाल में आई बाढ़ के बीच अब ज़िप लाइन बनी कई लोगों के लिए सहारा      Iran War Live News: होर्मुज में गदर, ईरान छोड़ रहा सुपरसोनिक मिसाइलें, टैंकर-जहाज तब तबाह, अमेरिका गुर्राया...      ISRO के निजीकरण पर 9 कर्मचारी यूनियनों ने लिखी चिट्ठी, पूछा- क्या हम सिर्फ रिसर्च करेंगे      दिल्ली-NCR में आज फिर भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने इन राज्यों के लिए भी जारी की चेतावनी     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
राजनीति

डिजिटल अधिकार: उज्बेकिस्तान में आईपीयू सम्मेलन में बोले राघव चड्ढा

उज्बेकिस्तान में आयोजित 12वें आईपीयू सम्मेलन के दौरान सांसद राघव चड्ढा ने डिजिटल सुरक्षा, समान अवसर और सबको सुलभ तकनीकी पहुंच प्रदान करने की जोरदार वकालत की।

A
Ankit Yadav
06 सित 2026, 16:14
डिजिटल अधिकार: उज्बेकिस्तान में आईपीयू सम्मेलन में बोले राघव चड्ढा
उज्बेकिस्तान की धरती पर आयोजित महत्वपूर्ण 12वें इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (आईपीयू) सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से देश के दृष्टिकोण को पुरजोर तरीके से रखा गया। इस वैश्विक मंच पर अपनी बात रखते हुए प्रमुख भारतीय राजनेता और सांसद राघव चड्ढा ने डिजिटल युग की विसंगतियों और चुनौतियों पर खुलकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के समय में तकनीक और इंटरनेट का विस्तार बहुत तेजी से हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों के बीच डिजिटल विभाजन भी गहराता जा रहा है। इस खाई को पाटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि किसी भी वर्ग या समुदाय को पीछे न छोड़ना पड़े।

समान डिजिटल पहुंच और सुरक्षा पर जोर

सांसद ने अपने संबोधन के दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले नागरिक को तकनीकी संसाधनों तक निष्पक्ष और समान रूप से पहुंच मिलनी चाहिए। आधुनिक दौर में इंटरनेट केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा, आजीविका और विकास की रीढ़ बन चुका है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना सरकारों और वैश्विक संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है कि बुनियादी डिजिटल सुविधाएं हर आम आदमी तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचें। इसके अलावा, उन्होंने ऑनलाइन स्पेस में डेटा सुरक्षा, साइबर खतरों और नागरिकों की गोपनीयता के मुद्दों को भी पूरी गंभीरता के साथ उठाया। बढ़ती डिजिटल दुनिया में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना उतना ही आवश्यक है जितना कि उसकी पहुंच को आसान बनाना। वैश्विक स्तर पर आयोजित होने वाले ऐसे सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के देशों को एक मंच पर लाकर साझा मुद्दों पर मंथन करना होता है। उज्बेकिस्तान में चल रहे इस प्रतिष्ठित आयोजन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपने विचार रखे। राघव चड्ढा द्वारा उठाए गए इन मुद्दों ने न केवल भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि विकासशील देशों के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उसकी सुरक्षा कितनी मायने रखती है। डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने और साइबर अपराधों के खिलाफ वैश्विक सहयोग मजबूत करने की मांग ने वहां मौजूद कई विदेशी नेताओं का भी ध्यान आकर्षित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य की नीतियां तकनीक के लोकतंत्रीकरण और उसकी सुरक्षा के इर्द-गिर्द ही घूमेंगी। जब तक हर व्यक्ति को सुरक्षित और सहज डिजिटल माध्यम नहीं मिलते, तब तक समावेशी विकास का सपना अधूरा ही रहेगा। इस सम्मेलन के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दिशा में और अधिक गंभीर चर्चाएं होने की उम्मीद है। भारत की ओर से मिले इस स्पष्ट संदेश के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में डिजिटल असमानता को पाटने और साइबर सुरक्षा को कड़ा करने के लिए कई नए अंतरराष्ट्रीय ढांचे या समझौते आकार ले सकते हैं, जिससे पूरी दुनिया के नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज