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राजनीति

एफसीआरए नियमों पर सियासी घमासान: नगालैंड के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से की कानून पर पुनर्विचार की खास अपील

नगालैंड के मुख्यमंत्री ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के नियमों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री को एक पत्र लिखकर इन पर दोबारा विचार करने की मांग उठाई है।

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Kantap News डेस्क
11 अग 2026, 14:56
एफसीआरए नियमों पर सियासी घमासान: नगालैंड के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से की कानून पर पुनर्विचार की खास अपील
अपने बयान में मुख्यमंत्री ने चिंता जताई है कि वर्तमान एफसीआरए प्रावधानों और जटिल प्रक्रियाओं के कारण पूर्वोत्तर राज्यों और विशेषकर वहां सक्रिय विभिन्न धार्मिक तथा सामाजिक संगठनों के कामकाज पर बहुत भारी दबाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि इन संगठनों के जरिए क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों की सेवा के कई महत्वपूर्ण कार्य संचालित होते हैं, लेकिन नए नियमों के अनुपालन में आ रही दिक्कतों के कारण इन जनहितकारी गतिविधियों के बाधित होने का पूरा अंदेशा बना हुआ है।

धार्मिक और सामाजिक संगठनों पर बढ़ता प्रशासनिक बोझ

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर के दूरदराज इलाकों में चैरिटेबल और धार्मिक संस्थान बिना किसी सरकारी मदद के समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों तक पहुंच बनाते हैं। यदि नियमों को अत्यधिक कड़ा रखा गया और वित्तपोषण की प्रक्रिया में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हुईं, तो इसका सीधा असर आम जनता की भलाई से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि जमीनी हकीकत को समझते हुए नियमों में कुछ व्यावहारिक संशोधन किए जाएं।

केंद्र सरकार के स्तर पर समीक्षा की उम्मीद

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूर्वोत्तर के किसी बड़े नेता द्वारा इस तरह का मुद्दा उठाए जाने के बाद गृह मंत्रालय इस पर गंभीरता से विचार कर सकता है। हालांकि, सरकार का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा और विदेशी फंड के पारदर्शी इस्तेमाल को सुनिश्चित करना है, लेकिन क्षेत्रीय आकांक्षाओं और सामाजिक विकास की जरूरतों के बीच संतुलन बिठाना भी उतना ही आवश्यक है। अब देखना यह होगा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय इस मांग पर क्या सकारात्मक कदम उठाता है।
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