Lucknow Desk : पीलीभीत में रक्षाबंधन का पर्व इस बार कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने खास अंदाज में मनाया। जिले के सभी 9 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की 18 छात्राओं ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को अपने हाथों से बनाई राखियां बांधीं। छात्राओं ने डीएम के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं और भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते के महत्व को भी बताया। इस मौके पर छात्राओं ने भारत-नेपाल सीमा पर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए भी अपने हाथों से तैयार की गई राखियां भेजीं। छात्राओं का कहना था कि सीमा पर तैनात जवान अपने परिवार से दूर रहकर देश की रक्षा करते हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के अवसर पर उन्हें राखी भेजना उनके प्रति सम्मान और अपनापन जताने का एक छोटा सा प्रयास है।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने छात्राओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने छात्राओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उनके अंदर देश और समाज के प्रति सम्मान की भावना होना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कार और जिम्मेदारी की भावना विकसित होना भी जरूरी है। डीएम ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की छात्राएं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये छात्राएं आगे चलकर उच्च शिक्षा हासिल करेंगी और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर देश के विकास में अपना योगदान देंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के सभी 9 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को प्रदेश के सबसे सुंदर और सर्वसुविधायुक्त विद्यालयों के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्राओं को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के चेहरे पर रक्षाबंधन की खुशी साफ नजर आई। वहीं, सीमा पर तैनात जवानों के लिए राखियां भेजने की पहल ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षक और कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम ने शिक्षा, संस्कार और देशसेवा की भावना का सुंदर संदेश दिया।