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प्रधानमंत्री का आश्वासन: पश्चिम एशिया संकट के बीच देश में ऊर्जा संकट की कोई संभावना नहीं

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद देश में किसी भी प्रकार की ऊर्जा की कमी नहीं होगी।

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Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 10:42
प्रधानमंत्री का आश्वासन: पश्चिम एशिया संकट के बीच देश में ऊर्जा संकट की कोई संभावना नहीं
संसद के मौजूदा सत्र के दौरान लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा भरोसा दिलाया है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे गंभीर संघर्ष और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश की अर्थव्यवस्था और ईंधन आपूर्ति को लेकर उठ रही चिंताओं का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों के पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं, जिससे आम नागरिकों और उद्योगों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

रणनीतिक भंडारों और विकल्पों पर जोर

सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि देश के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार सुरक्षित स्थिति में हैं और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए विभिन्न मंत्रालयों द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े निवेशकों और आम जनता को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय संकट अक्सर घरेलू महंगाई को प्रभावित करते हैं।

संसद में विपक्ष की प्रतिक्रिया

हालांकि प्रधानमंत्री के इस आश्वासन के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया, वहीं विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर और अधिक विस्तृत चर्चा की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में आने वाले व्यवधानों से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके बावजूद, सरकार की ओर से दी गई यह गारंटी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश की ऊर्जा आवश्यकताएं पूरी तरह सुरक्षित हाथों में हैं और किसी भी आपात स्थिति से पार पाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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