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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्रियों की स्पेसवॉक: नासा के अनिल मेनन और जेसिका मायर ने पूरा किया मिशन

भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और उनकी साथी जेसिका मायर ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर सफ़लतापूर्वक 6 घंटे की स्पेसवॉक पूरी की।

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Kantap News डेस्क
10 अग 2026, 16:39
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्रियों की स्पेसवॉक: नासा के अनिल मेनन और जेसिका मायर ने पूरा किया मिशन

मानव अंतरिक्ष उड़ान और वैश्विक अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (NASA) के दो प्रमुख अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के बाहर एक जटिल और महत्वपूर्ण स्पेसवॉक (Extravehicular Activity) को सफलता पूर्वक पूरा किया। इस दल का नेतृत्व भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री डॉ. अनिल मेनन और उनकी वरिष्ठ साथी जेसिका मायर कर रही थीं। शून्य गुरुत्वाकर्षण के बीच लगभग 6 घंटे और 30 मिनट तक चले इस अत्यंत चुनौतीपूर्ण मिशन के दौरान दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष स्टेशन के पावर ग्रिड सिस्टम को अपग्रेड करने और नए रोल-आउट सोलर एरे (IROSA) की स्थापना के लिए आवश्यक हार्डवेयर तैयार करने का कठिन कार्य सफलता पूर्वक संपन्न किया।

भारतीय मूल के फ्लाइट सर्जन और अंतरिक्ष यात्री डॉ. अनिल मेनन के करियर की यह पहली स्पेसवॉक थी, जिसने पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन के बाहरी हिस्से में सोलर पैनल ट्रस पर जाकर भारी भरकम सपोर्ट ब्रैकेट और केबलिंग नेटवर्क को बेहद सटीकता के साथ असेंबल किया। नासा के अनुसार, इस नए पावर सिस्टम अपग्रेडेशन से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की जाएगी। इससे स्टेशन पर चल रहे जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों, जीवन रक्षक प्रणालियों और भविष्य के चंद्रमा व मंगल अभियानों से जुड़े परीक्षणों को निर्बाध और उच्च क्षमता वाली ऊर्जा आपूर्ति मिल सकेगी।

नासा ने मिशन की सफलता पर जताई खुशी, भारत में गर्व का माहौल

ह्यूस्टन स्थित नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के फ्लाइट कंट्रोल रूम ने इस कठिन स्पेसवॉक के सफल समापन की आधिकारिक घोषणा की और दोनों अंतरिक्ष यात्रियों के बेहतरीन तालमेल, संयम और पेशेवर दक्षता की जमकर प्रशंसा की। स्पेसवॉक के दौरान पृथ्वी पर मौजूद फ्लाइट कंट्रोलर्स पल-पल की शारीरिक और तकनीकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। अनिल मेनन, जो एक अनुभवी आपातकालीन चिकित्सा चिकित्सक (Emergency Physician) भी हैं, वर्ष 2021 में नासा के अंतरिक्ष यात्री वर्ग के लिए चुने गए थे और वे अमेरिकी वायु सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

अनिल मेनन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारत, उनके पैतृक गांव और दुनिया भर में बसे भारतीय समुदाय में अत्यधिक खुशी और उत्साह का माहौल है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों का मानना है कि अनिल मेनन का यह सफल मिशन न केवल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि भारत और दुनिया भर के लाखों युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्रों में अपने सपने साकार करने के लिए प्रेरित करेगा।

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