डेढ़ महीने से ठप पड़ी मोबाइल सेवा
तमनार ब्लॉक की ग्राम पंचायत केशरचुंआ के स्थानीय निवासियों को पिछले लगभग डेढ़ महीने से मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र में स्थापित मोबाइल टावर के काम करना बंद कर देने के कारण संचार व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इस बड़ी तकनीकी खराबी के चलते गांव के किसी भी उपभोक्ता के फोन पर नेटवर्क नहीं आ रहा है। नेटवर्क बहाल करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मोबाइल सिग्नल गायब होने की वजह से आम जनता अपनों से संपर्क साधने में भी असमर्थ हो रही है। गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या की शिकायत संबंधित कर्मचारियों से कई बार की है। इसके बावजूद इतनी लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार का सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया है। अधिकारियों की इस प्रकार की अनदेखी से ग्रामीणों में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का जीवन बिना नेटवर्क के काफी कष्टप्रद हो गया है और वे लगातार संचार सेवाओं के चालू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सरकारी कामकाज और राशन वितरण पर असर
मोबाइल टावर के बंद रहने से केशरचुंआ पंचायत क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य बुरी तरह बाधित हो गए हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत गरीब परिवारों को मिलने वाले चावल के वितरण कार्य में भारी बाधा आ रही है। इंटरनेट और मोबाइल आधारित सेवाएं पूरी तरह ठप होने के कारण कोटेदार राशन बांटने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। इसके अलावा पंचायत कार्यालय के तमाम ऑनलाइन और डिजिटल कार्य भी समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी इंटरनेट के अभाव में किसी भी प्रकार की डिजिटल रिपोर्ट या सूचना आगे भेजने में विफल हैं। ग्रामीणों को अपनी निजी जरूरी ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी भी प्रकार की डिजिटल सूचना भेजने या प्राप्त करने का माध्यम पूरी तरह से बाधित हो चुका है। स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि आज के दौर में लगभग हर जरूरी काम ऑनलाइन माध्यम से ही होता है। ऐसे में नेटवर्क का न होना उनके दैनिक जीवन और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिए ही एक बड़ी रुकावट बन गया है।
ग्रामीणों की तकनीकी जांच और बहाली की मांग
केशरचुंआ गांव के सभी प्रभावित निवासियों ने अब संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है। लोगों ने साफ शब्दों में कहा है कि टावर की तुरंत तकनीकी जांच करवाई जानी चाहिए ताकि असल खराबी का पता चल सके। तकनीकी खामी को दूर करके जल्द से जल्द मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह बहाल किया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि वर्तमान समय में राशन वितरण प्रणाली, पंचायत के तमाम जरूरी कार्य और अन्य ऑनलाइन सेवाएं मोबाइल नेटवर्क पर ही निर्भर हैं। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। सरपंच द्वारा संबंधित कर्मचारियों को कई बार इस विषय से अवगत कराए जाने के बाद भी कोई संतोषजनक परिणाम सामने नहीं आया है। इस कारण अब जनता सीधे तौर पर उच्चाधिकारियों से इस मामले में संज्ञान लेने की गुहार लगा रही है। लोग जल्द से जल्द संचार सेवाओं के पटरी पर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं ताकि उनके अटके हुए सरकारी और निजी काम सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।