कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
विदेश ब्रेकिंग

ऐतिहासिक सैन्य वापसी: अमेरिका ने इराक से अपने सभी सैनिकों को 30 सितंबर तक हटाने का किया ऐलान

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रक्षा जगत से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है, जिसमें अमेरिका ने इराक से अपनी सैन्य उपस्थिति पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा की है।

X
Kantap News डेस्क
13 अग 2026, 17:44
ऐतिहासिक सैन्य वापसी: अमेरिका ने इराक से अपने सभी सैनिकों को 30 सितंबर तक हटाने का किया ऐलान
मध्य पूर्व की भू-राजनीति में एक युगांतरकारी बदलाव का संकेत देते हुए अमेरिकी प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर दी है कि वह आने वाली 30 सितंबर तक इराक से अपने सभी सैनिक पूरी तरह वापस बुला लेगा। पिछले तेरह वर्षों से अधिक समय से चले आ रहे सैन्य अभियानों और सुरक्षा साझेदारियों के बाद यह फैसला दोनों देशों के बीच संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है। इस दीर्घकालिक सैन्य तैनाती के दौरान क्षेत्र में कई उतार-चढ़ाव आए, और अब अमेरिकी नेतृत्व ने सुरक्षा जिम्मेदारियों को पूरी तरह से स्थानीय इराकी बलों को सौंपने का निर्णय लिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र के समग्र सुरक्षा ढांचे में बड़ा बदलाव आ सकता है, जिस पर वैश्विक ताकतों की पैनी नजर बनी हुई है।

वैश्विक कूटनीति पर पड़ने वाले प्रभाव

अमेरिका द्वारा उठाए गए इस कदम के कूटनीतिक निहितार्थ बेहद दूरगामी साबित हो सकते हैं। इराक के भीतर सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अब पूरी तरह से वहां की अपनी राष्ट्रीय सेना और प्रशासनिक तंत्र के कंधों पर होगी। पिछले दो दशकों में मध्य पूर्व की राजनीति में अमेरिकी दखल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजारों को भी गहराई से प्रभावित किया है, ऐसे में अचानक हुई इस वापसी से नई रणनीतिक साझेदारियों के उभरने की संभावना जताई जा रही है। पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस घोषणा का संज्ञान लेना शुरू कर दिया है और वे इस बात का आकलन कर रहे हैं कि आने वाले महीनों में इस क्षेत्र का शक्ति संतुलन किस दिशा में करवट लेगा।

स्थानीय प्रतिक्रियाएं और भविष्य की चुनौतियां

बगदाद और देश के अन्य हिस्सों में इस फैसले को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक तरफ जहां कई स्थानीय राजनीतिक समूह विदेशी सैनिकों की विदाई को अपनी संप्रभुता की बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ विश्लेषकों को इस बात की चिंता सता रही है कि अमेरिकी सुरक्षा छाता हटने के बाद आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण होगा। आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता के खतरे अभी पूरी तरह टले नहीं हैं, और ऐसे में इराकी सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ही यह तय करेगी कि देश शांति के मार्ग पर आगे बढ़ पाता है या नहीं। अमेरिकी प्रशासन ने हालांकि यह स्पष्ट किया है कि कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग भविष्य में भी विभिन्न माध्यमों से जारी रहेगा, ताकि इस संक्रमण काल में इराक को आवश्यक सहायता मिलती रहे।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज