जो US लगा रहा था एक्स्ट्रा टैरिफ, अब वही पढ़ रहा कसीदे; भारत की तेल आयात नीति पर क्या बोले मार्को रुबियो
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या
फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब
‘CJP प्रोटेस्ट के लिए फंडिंग कहां से आती है?’ RSS के Indresh Kumar ने उठाए सवाल
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे
दिल्ली में AAP और कांग्रेस की पार्षद भिड़ीं, MCD सदन में खींचतान के बाद आई हाथापाई की नौबत
कौन हैं निर्मला सीतारमण के पति परकला प्रभाकर जो प्रकाश राज और अभिजीत दिपके साथ CJP का प्रदर्शन में शामिल होंगे
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
अस्पताल में भीषण हादसा: इस्लामाबाद के PIMS में एसी फटने से आग लगने से 15 नवजात बच्चों की मौत
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित एक प्रमुख अस्पताल में एयर कंडीशनर फटने से भयंकर आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से 15 नवजात बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।
A
Ankit Yadav
27 अग 2026, 13:34
पाकिस्तान के इस्लामाबाद से एक बेहद ही दहला देने वाली और दुखद घटना सामने आई है, जहां एक प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान के भीतर भीषण आग लगने के कारण पंद्रह नवजात शिशुओं की जान चली गई। इस भयावह दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा इस्लामाबाद के प्रसिद्ध पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी PIMS अस्पताल के परिसर में हुआ, जहां अचानक हुए एक जोरदार धमाके के बाद अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
एसी में विस्फोट से फैली आग
शुरुआती विवरणों के मुताबिक अस्पताल के भीतर नवजात शिशु वार्ड में लगा एयर कंडीशनर अचानक तकनीकी खराबी के चलते फट गया। एसी फटने की इस घटना के तुरंत बाद वहां तेज चिंगारियां निकलीं और देखते ही देखते आग ने पूरे वॉर्ड को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि अस्पताल के कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों को संभलने का बहुत कम मौका मिला। घने धुएं और लपटों के कारण नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद मुश्किल साबित हुआ, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ा हादसा घटित हो गया और पंद्रह मासूम बच्चों की घुटन और झुलसने से मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का काम शुरू किया। अस्पताल प्रशासन और दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कई मासूमों की सांसें थम चुकी थीं। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे अस्पताल परिसर में मातम पसरा हुआ है और अपने बच्चों को खोने वाले परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना स्थल पर पहुंचे परिजनों का क्रंदन देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
प्रशासनिक लापरवाही और जांच के आदेश
इस दुखद घटना के सामने आने के बाद देश भर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इस लापरवाही के लिए अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। शुरुआती चर्चाओं में यह बात भी सामने आ रही है कि अस्पताल के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी, जिसके कारण यह भयानक हादसा हुआ। सरकार और संबंधित अधिकारियों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि लापरवाही कहाँ और किस स्तर पर हुई थी।
प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा देश के अन्य अस्पतालों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। बहरहाल, इस भीषण हादसे ने चिकित्सा क्षेत्र की कमजोरियों और बुनियादी ढांचे के रखरखाव की पोल खोल कर रख दी है, जिससे पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।