वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से
जुड़े प्रतिबंधों पर छूट देने वाले अपने फैसले का बचाव करते हुए इसे अच्छा फैसला बताया। शनिवार को मियामी स्थित मार-ए-लागो में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने
कहा कि लोगों को अभी इस फैसले का मतलब समझ नहीं आया है, लेकिन वे आगे इसे समझेंगे। ट्रंप के मुताबिक, यह फैसला अमेरिका और दुनिया- दोनों के लिए अच्छा साबित
होगा।
डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के तहत रूस से तेल और गैस
खरीदने वाले चीन और भारत समेत पांच बड़े देशों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने के प्रावधान से भी छूट दी गई है।
आदेश में कहा गया है कि छूट तब तक लागू रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री संबंधित अधिकारियों से
सलाह के बाद आगे की कार्रवाई को उचित न मानें।
दोनों दलों के सांसदों ने जताई नाराजगी
रूस को प्रतिबंधों से छूट देने के फैसले की
रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक, दोनों दलों के
सांसदों ने आलोचना की। पिछले महीने सीनेट ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया
एंड ईरान एक्ट’ को 86 के मुकाबले 11 मतों से पारित किया था।
रिपब्लिकन सांसद थॉम टिलिस ने ट्रंप के
फैसले को “बेहद गैर-जिम्मेदाराना” बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि सीनेट से भारी
बहुमत से पारित कानून को लागू करने की बात राष्ट्रपति और उनके सलाहकारों को क्यों
समझ नहीं आती। टिलिस ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाए
रखने के बजाय प्रशासन उनके सामने झुक रहा है।
टेक्सास के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने
कहा कि दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम इस फैसले से बेहद नाराज होते। ग्राहम ने कानून
को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।
ग्राहम की बहन ने भी फैसले पर उठाए सवाल
दक्षिण कैरोलाइना की रिपब्लिकन सांसद
डार्लिन ग्राहम ने भी रूस पर दबाव बनाए रखने के पक्ष में बात की। उन्होंने कहा कि
वह युद्ध खत्म कराने और ईंधन की कीमतें कम करने के लिए रूस पर दबाव बनाने का
विकल्प चुनतीं, क्योंकि
उन्हें पुतिन और रूस पर भरोसा नहीं है।