हवाई अड्डे पर घातक हमला
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 और 4 पर भीषण एयर स्ट्राइक की थी। इस घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक पुष्टि की कि हमले में हैदराबाद के मेहदीपट्टनम निवासी मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई है। इस कायरतापूर्ण हमले में कम से कम 10 अन्य भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और हवाई अड्डा प्रबंधन ने तुरंत सुरक्षा जांच शुरू करते हुए टर्मिनल को बंद कर दिया था। विमानों को वापस गेट पर लौटना पड़ा और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस हमले के दौरान हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी का माहौल था, क्योंकि उसी समय उमरा यात्री अपनी उड़ानों में बैठने की तैयारी कर रहे थे। पिछले कुछ दिनों से हूती विद्रोही लगातार सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं, जिससे हवाई यातायात और यात्रियों की सुरक्षा गंभीर रूप से खतरे में पड़ गई है। हताहत हुए अन्य नागरिकों की संख्या सैकड़ों में है, जिनमें से 12 लोगों की 10 अक्टूबर को ही मौत हो गई थी।
पीड़ित परिवार की स्थिति
लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मोहम्मद यूसुफ अली का परिवार भी उसी हमले की चपेट में आ गया था। यूसुफ के एक बेटे के घुटने की सर्जरी की जा रही है, जबकि दूसरे बेटे के पैर की तीन उंगलियां कटने के कारण वह अस्पताल में भर्ती है। यूसुफ की पत्नी और बेटी फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन उनके साथ मौजूद चाची भी गंभीर रूप से चोटिल हो गई हैं। भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार अस्पतालों का दौरा कर घायलों की मदद कर रहे हैं। वर्तमान में तीन भारतीय नागरिक आईसीयू में भर्ती हैं, जिनकी स्थिति स्थिर बताई गई है, जबकि दो अन्य का सामान्य वार्ड में उपचार चल रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूसुफ अली की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। भारत सरकार ने इस हमले को पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया है और कहा है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर बार-बार हमले बंद होने चाहिए।
सुरक्षा और व्यापक प्रभाव
सऊदी अरब की प्रगति में वहां रह रहे 26 लाख भारतीय नागरिकों का बहुत बड़ा योगदान है। भारत सरकार ने सऊदी में काम कर रहे अपने नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हूती विद्रोहियों ने हमला किया, जिससे उड़ानों में भारी देरी हुई और कई विमान रद्द कर दिए गए। यह हमला रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट के साथ-साथ अरामको के दो प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया था। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, वे लगातार हवाई अड्डों की सुरक्षा सुविधाओं की निगरानी कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं न केवल वहां कार्यरत भारतीयों के लिए बड़ा खतरा हैं, बल्कि भारत के आर्थिक हितों पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। वर्ष 2029 में प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी दौरे के दौरान वहां रह रहे भारतीयों को अपना गौरव बताया था, लेकिन मौजूदा हालात ने सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।