कंटाप
NEWS
गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग      श्रद्धा दुबे तो निकली बड़ी खिलाड़ी, Z गैंग से भी कनेक्शन, लखनऊ लेकर आई पुलिस, बचना हुआ मुश्किल      Rain Alert: बन गया है कम दबाव का क्षेत्र, इन राज्यों में होने जा रही मूसलाधार बारिश, आंधी तूफान का भी अलर्ट      Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म      सऊदी अरब में बांग्लादेश की जिस महिला को मौत की सज़ा मिली उसके घर वालों ने दी ये जानकारी      ट्रंप के मुस्लिम शहर वाले बयान पर भड़के मैक्रों, कहा- मूर्खतापूर्ण...      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
विदेश

इस्सिक-कुल झील का रहस्य: पानी के नीचे मिला 800 साल पुराना प्राचीन शहर

किर्गिस्तान की इस्सिक-कुल झील में वैज्ञानिकों को करीब 800 साल पुराने एक प्राचीन शहर के अवशेष मिले हैं। गोताखोरों की टीम सतह से 1 से 4 मीटर नीचे दबी इस ऐतिहासिक बस्ती की जांच कर रही है।

A
Ankit Yadav
13 अक्ट 2026, 11:59
इस्सिक-कुल झील का रहस्य: पानी के नीचे मिला 800 साल पुराना प्राचीन शहर

झील के नीचे मिली प्राचीन सभ्यता

किर्गिस्तान की सबसे बड़ी झील इस्सिक-कुल के गर्भ में वैज्ञानिकों ने 800 साल पुरानी एक बस्ती के निशान खोज निकाले हैं। यह महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल झील के तोरू-आयगिर क्षेत्र के निकट स्थित है। शोधकर्ताओं और गोताखोरों की एक विशेष टीम इस डूबे हुए शहर के रहस्यों को सुलझाने के लिए लगातार काम कर रही है। इस स्थान पर खोज का कार्य वर्ष 2024 में शुरू किया गया था। वर्तमान में यह पूरा इलाका पानी की सतह से लगभग 1 से 4 मीटर की गहराई पर मौजूद है। वैज्ञानिकों को वहां पुरानी इमारतों के अवशेष, मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े और जानवरों की हड्डियां प्राप्त हुई हैं। इन साक्ष्यों के माध्यम से विशेषज्ञ यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि उस समय लोगों का जीवन स्तर कैसा था और उनके खानपान की आदतें क्या थीं। इस खोज से मध्य एशिया के गौरवशाली इतिहास को समझने में काफी मदद मिलेगी।

व्यापारिक मार्ग और पुरातात्विक साक्ष्य

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह डूबा हुआ शहर सिल्क रोड के पुराने व्यापारिक नेटवर्क का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। सिल्क रोड उस समय का एक विशाल व्यापारिक मार्ग था, जो चीन से यूरोप तक रेशम और अन्य कीमती सामानों के आदान-प्रदान के लिए उपयोग किया जाता था। इस मार्ग के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के लोग अपनी संस्कृति, धर्म और विचारों का भी साझा करते थे। वैज्ञानिकों को मौके पर दो पुरानी कब्रगाहों और एक विशाल इमारत के अवशेष मिले हैं। शोधकर्ता अभी यह स्पष्ट करने में जुटे हैं कि वह बड़ी इमारत वास्तव में क्या थी, जैसे कि कोई मस्जिद, सार्वजनिक स्नानघर या फिर शिक्षा का केंद्र। वहां से मिले बर्तनों के टुकड़ों की बनावट से उनकी उम्र का सटीक अंदाजा लगाने में सहायता मिल रही है। इन अवशेषों की गहन जांच से उस दौर की व्यापारिक गतिविधियों और लोगों की जीवनशैली पर से पर्दा उठने की पूरी उम्मीद है।

शहर के डूबने के संभावित कारण

इस प्राचीन शहर के बारे में 19वीं सदी से ही जानकारी उपलब्ध थी, लेकिन अब आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक के जरिए इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। विशेषज्ञों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह शहर आखिर पानी के नीचे कैसे पहुंचा। एक संभावना यह जताई जा रही है कि किसी शक्तिशाली भूकंप या जमीन में हुए बड़े बदलावों के कारण यह इलाका झील में समा गया हो। चूँकि यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील रहा है, इसलिए वैज्ञानिक प्राकृतिक आपदाओं की भूमिका की जांच कर रहे हैं। हालांकि, शहर के डूबने की पुख्ता वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है और इसके लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है। वैज्ञानिकों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि उस समय शहर का कुल विस्तार कितना था और वहां कौन-कौन सी महत्वपूर्ण संरचनाएं मौजूद थीं। इस खोज से सिल्क रोड के दौरान इस क्षेत्र की भूमिका और वहां के निवासियों के इतिहास को समझने का एक नया अवसर मिला है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज