कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
विदेश

काला सागर तनाव: तुर्की ने रूस और उक्रेन से सैन्य टकराव रोकने की अपील की

तुर्की ने रूस और उक्रेन के बीच काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्ष को तुरंत थामने का आह्वान किया है, ताकि समुद्री व्यापार और सुरक्षा बहाल हो सके।

X
Kantap News डेस्क
11 अग 2026, 16:13
काला सागर तनाव: तुर्की ने रूस और उक्रेन से सैन्य टकराव रोकने की अपील की
रूस और उक्रेन के बीच चल रहे लंबे गतिरोध के बीच अब काला सागर क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुर्की ने दोनों देशों के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखते हुए अपील की है कि वे इस रणनीतिक जल क्षेत्र में सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियों और हमलों पर विराम लगाएं।

क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार पर असर

काला सागर न केवल दोनों युद्धरत देशों के लिए बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मार्ग है। लगातार हो रही सैन्य झड़पों और हमलों के कारण इस रास्ते से होने वाले जहाजों की आवाजाही पर गंभीर संकट मंडरा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। तुर्की के इस ताजा आह्वान के बाद कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या दोनों देश इस जलमार्ग को सुरक्षित रखने के लिए किसी समझौते पर राजी होंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पहल को क्षेत्र में शांति बहाلي की दिशा में एक जरूरी कदम के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि रूस और उक्रेन की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज