कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'मराठा आरक्षण आंदोलन रोकने के लिए 500 करोड़ दे रहे थे', जरांगे पाटिल ने लगाया आरोप; शिंदे ने किया इनकार      रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
विदेश

काला सागर तनाव: तुर्की ने रूस और उक्रेन से सैन्य टकराव रोकने की अपील की

तुर्की ने रूस और उक्रेन के बीच काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्ष को तुरंत थामने का आह्वान किया है, ताकि समुद्री व्यापार और सुरक्षा बहाल हो सके।

X
Kantap News डेस्क
11 अग 2026, 16:13
काला सागर तनाव: तुर्की ने रूस और उक्रेन से सैन्य टकराव रोकने की अपील की
रूस और उक्रेन के बीच चल रहे लंबे गतिरोध के बीच अब काला सागर क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुर्की ने दोनों देशों के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखते हुए अपील की है कि वे इस रणनीतिक जल क्षेत्र में सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियों और हमलों पर विराम लगाएं।

क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापार पर असर

काला सागर न केवल दोनों युद्धरत देशों के लिए बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मार्ग है। लगातार हो रही सैन्य झड़पों और हमलों के कारण इस रास्ते से होने वाले जहाजों की आवाजाही पर गंभीर संकट मंडरा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। तुर्की के इस ताजा आह्वान के बाद कूटनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या दोनों देश इस जलमार्ग को सुरक्षित रखने के लिए किसी समझौते पर राजी होंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पहल को क्षेत्र में शांति बहाلي की दिशा में एक जरूरी कदम के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि रूस और उक्रेन की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज