कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल पुलिस का अलर्ट - तिब्बत की तरफ़ बना डैम टूटा, लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा      Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat LIVE: खत्म हुआ राहुकाल! फिर शुरू हुआ राखी का शुभ मुहूर्त, जानिए कब तक बां      धोखाधड़ी, उत्पीड़न और फिर मर्डर; दिल्ली की मॉडल हत्या मामले में 'जहरीले रिश्ते' का खुलासा      ज़ोहरान ममदानी को लेकर प्रवासी भारतीयों में बहस, आरएसएस ने जारी किया ये बयान      आज लोकसभा चुनाव हुए तो BJP को मिलेंगी कितनी सीटें, इंडिया गठबंधन में शामिल दलों का कैसा हाल, C-वोटर का आया सर्वे      पाकिस्तान ने फंसाया एक और ‘मुर्गा’, सऊदी अरब-तुर्की के बाद इस देश के साथ मिलिट्री डील, बदले में क्या मिलेगा...      रिजिजू ने दिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के संकेत, परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें; विपक्ष में हलचल      दिल्ली आ गई 'कांदा एक्सप्रेस', 60-70 रुपये वाला प्याज अब 35 रुपये किलो, जानिए कहां मिलेगा?     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
विदेश

पुरातत्व में सनसनी: गुजरात के कच्छ में सिंधु घाटी सभ्यता के नए प्राचीन बंदरगाह के अवशेष मिले

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दल ने गुजरात के कच्छ के रण क्षेत्र में उत्खनन के दौरान हड़प्पा काल के एक और बड़े व्यापारिक बंदरगाह के पुख्ता अवशेष खोज निकाले हैं।

X
Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 14:32
पुरातत्व में सनसनी: गुजरात के कच्छ में सिंधु घाटी सभ्यता के नए प्राचीन बंदरगाह के अवशेष मिले
कच्छ जिले के दूरदराज क्षेत्र में पिछले कई हफ्तों से चल रहे वैज्ञानिक उत्खनन के दौरान शोधकर्ताओं को ऐसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं जो प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता के समुद्री व्यापार और नौवहन कौशल पर नया प्रकाश डालते हैं। मिले हुए अवशेषों में पक्की ईंटों से बने विशाल गोदीबाड़े (डॉकिंग यार्ड), बड़े पैमाने पर अनाज भंडारण के गोदाम और मेसोपोटामिया तथा ओमान के साथ व्यापारिक संबंधों को साबित करने वाली मुहरें शामिल हैं। इतिहासकारों का कहना है कि यह खोज प्राचीन भारतीय इतिहास के अध्ययन में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगी और उस काल की आर्थिक गतिविधियों को समझने में मदद मिलेगी।

व्यापार और वास्तुकला का बेजोड़ नमूना

इस नव-खोजी गई प्राचीन बस्ती की बनावट बेहद वैज्ञानिक ढंग से की गई थी, जिसमें जल निकासी प्रणाली और ग्रिड पैटर्न पर आधारित मकानों के अवशेष स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। पुराविदों के अनुसार, यह बंदरगाह स्थल लगभग चार हजार साल पुराना है और उस समय यह क्षेत्र अरब सागर के समुद्री मार्ग से सीधे जुड़ा हुआ था। यहाँ से प्राप्त तांबे के औजार, मनके और तराजू के बाट यह साबित करते हैं कि यह स्थान एक संपन्न व्यापारिक केंद्र हुआ करता था। इस खोज से यह भी पता चलता है कि प्राचीन भारतीय समुद्री मार्ग कितने उन्नत और सुव्यवस्थित थे।

संरक्षण और संग्रहालय की योजना

इस बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहर के मिलने के बाद केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने स्थल की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल तैनात कर दिया है और आगे के शोध के लिए बजट बढ़ा दिया है। राज्य सरकार इन पुरावशेषों को सुरक्षित रखने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कच्छ क्षेत्र में ही एक अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। देश-विदेश के इतिहासकार और शोधार्थी इस स्थल का दौरा करने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं। आने वाले दिनों में इस स्थान को यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजने की भी पूरी तैयारी की जा रही है.
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज