कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
विदेश

समुद्री व्यापार में नया मोड़: रूस के उत्तरी समुद्री मार्ग को भारत और चीन का समर्थन, क्या यह होर्मिज़ जलडमरूमध्य का विकल्प बनेगा?

वैश्विक व्यापारिक गलियारों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां रूस के उत्तरी समुद्री मार्ग को भारत और चीन की तरफ से महत्वपूर्ण रणनीतिक समर्थन मिल रहा है।

X
Kantap News डेस्क
17 अग 2026, 19:05
समुद्री व्यापार में नया मोड़: रूस के उत्तरी समुद्री मार्ग को भारत और चीन का समर्थन, क्या यह होर्मिज़ जलडमरूमध्य का विकल्प बनेगा?
अंतरराष्ट्रीय नौवहन और माल ढुलाई के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है क्योंकि रूस के महत्वाकांक्षी उत्तरी समुद्री मार्ग को एशियाई दिग्गजों यानी भारत और चीन का मजबूत समर्थन प्राप्त हो रहा है। पारंपरिक रूप से वैश्विक नौवहन के लिए उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक मार्गों पर लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा जोखिमों के बीच इस बर्फीले नौवहन मार्ग को एक बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया मार्ग एशिया और यूरोप के बीच की दूरी को काफी हद तक कम कर सकता है, जिससे ईंधन की खपत और परिवहन लागत दोनों में भारी कमी आएगी। विशेष रूप से ऊर्जा और औद्योगिक वस्तुओं के आयात-निर्यात पर निर्भर रहने वाली एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

स्ट्रेटेजिक महत्व और होर्मिज़ मार्ग से तुलना

मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थित होर्मिज़ जलडमरूमध्य हमेशा से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक संवेदनशील केंद्र रहा है, जहां थोड़ी सी भी अशांति पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर सकती है। इसके विपरीत, रूस के आर्कटिक तटों से गुजरने वाला उत्तरी समुद्री मार्ग ऊर्जा और कंटेनर कार्गो के परिवहन के लिए एक वैकल्पिक गलियारा प्रदान करता है जो भू-राजनीतिक संघर्षों से काफी हद तक सुरक्षित है। हालांकि इस मार्ग पर वर्ष के एक बड़े हिस्से में बर्फ जमी रहती है, लेकिन जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और रूस के आधुनिक आइसब्रेकर जहाजों के बेड़े के कारण अब नेविगेशन की अवधि में लगातार सुधार हो रहा है। भारत और चीन जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं इस मार्ग के व्यावसायिक लाभों का आकलन करने के लिए मास्को के साथ मिलकर तकनीकी और आर्थिक संभावनाओं पर विचार कर रही हैं।

आर्थिक चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के रास्ते में अभी भी कुछ तकनीकी और पर्यावरणीय चुनौतियां बनी हुई हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अत्यधिक ठंड, नौवहन के लिए विशेष जहाजों की आवश्यकता और आपातकालीन बचाव बुनियादी ढांचे का अभाव कुछ ऐसे पहलू हैं जिन पर संबंधित देशों को मिलकर काम करना होगा। इसके बावजूद, जिस तरह से बीजिंग और नई दिल्ली ने इस आर्कटिक मार्ग में गहरी रुचि दिखाई है, उससे यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में वैश्विक व्यापार के पारंपरिक नक्शे में भारी बदलाव देखने को मिल सकता है। यह विकास न केवल द्विपक्षीय व्यापार को गति देगा बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी एक नया स्थायित्व प्रदान करेगा।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज