कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल में बाढ़ : चीन पर उठ रहे सवालों पर क्या कह रहा है अंतरराष्ट्रीय मीडिया      Balen Shah India: भारत ने बाढ़ के महासंकट में न‍िभाई दोस्‍ती, नेपाली PM बालेन शाह पहले विदेशी दौरे पर आएंगे द‍िल्‍ली      Raksha Bandhan 2026 Wishes: बड़े भाई से छोटे भाई तक, हर रिश्ते के लिए भेजें ये खास मैसेज, दिल में घुल जाएगा...      सोनिया गांधी की किताब में क्या है कि पेंगुइन ने छापने से किया इनकार, कौन सा हिस्सा हटाने को कहा      कैलाश मानसरोवर यात्रा का तिब्बत रूट कितना मुश्किल है, रास्ते में क्या चुनौतियां आती हैं?      ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा: NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी;...      अभिजीत दीपके ने अरविंद केजरीवाल को पछाड़ दिया! सर्वे में CJP चीफ ने चौंकाया      CM विजय तय सीट छोड़कर मंत्रियों के बीच बैठे: सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया, तमिलनाडु विधानसभा में ऐसा पह...     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
विदेश ब्रेकिंग

यूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और जंगलों की भीषण आग: संयुक्त राष्ट्र ने दी जलवायु अनुकूलन की चेतावनी

यूरोप में इस मौसम की अब तक की सबसे भयानक गर्मी और ग्रीस तथा स्पेन के जंगलों में लगी भीषण आग के बाद वैश्विक विशेषज्ञों ने जलवायु आपातकाल पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

X
Kantap News डेस्क
30 जुल 2026, 12:36
यूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी और जंगलों की भीषण आग: संयुक्त राष्ट्र ने दी जलवायु अनुकूलन की चेतावनी

पश्चिमी और दक्षिणी यूरोप के बड़े हिस्से इस समय इतिहास के सबसे भीषण ग्रीष्मकालीन लू (Heatwave) और जंगलों की आग (Wildfires) की चपेट में हैं। स्पेन, ग्रीस, फ्रांस और इटली जैसे देशों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जंगलों में फैली भयावह आग को बुझाने के लिए ग्रीस और स्पेन की सरकारों ने हजारों दमकलकर्मियों और सैन्य दस्तों को तैनात किया है, जबकि दर्जनों तटीय गांवों और पर्यटन स्थलों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा है।

संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और पर्यावरण निकायों ने रिपोर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है। जलवायु वैज्ञानिकों के अनुसार, अल नीनो प्रभाव और वैश्विक तापमान में वृद्धि के कारण इस तरह की चरम मौसमी घटनाएं अब हर साल अधिक तीव्र और लंबी होती जा रही हैं। संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया भर की सरकारों से अपील की है कि केवल कार्बन उत्सर्जन घटाना ही काफी नहीं है, बल्कि तत्काल बुनियादी ढांचे को जलवायु-अनुकूल (Climate Adaptation) बनाना होगा।

इस संकट से निपटने के लिए यूरोपीय संघ ने आपातकालीन नागरिक सुरक्षा तंत्र को सक्रिय कर दिया है और प्रभावित देशों को अग्निशामक विमान तथा तकनीकी सहायता भेजी जा रही है। पर्यावरणविदों का मानना है कि अगर कृषि, शहरी नियोजन और ऊर्जा क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव नहीं किए गए, तो आने वाले वर्षों में भीषण गर्मी और पानी की कमी से यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं को अरबों डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज