कारोबारी सत्र का आरंभ और सूचकांकों की स्थिति
भारतीय शेयर बाजार ने 6 अक्टूबर के दिन सकारात्मक वैश्विक संकेतों के सहारे अपने कारोबार की शुरुआत की। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 53.78 अंकों की बढ़त दर्ज करते हुए 72,436.25 के स्तर पर जा पहुंचा। प्रतिशत के लिहाज से इसमें 0.07 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 21.70 अंकों की तेजी के साथ 22,577.45 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया। निफ्टी के मामले में यह बढ़त 0.10 प्रतिशत की रही। बाजार खुलने के बाद शुरुआती दौर में कुल 1,424 कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। इसके विपरीत 821 कंपनियों के शेयरों में गिरावट का रुख बना रहा और 180 शेयरों के भाव में कोई भी फेरबदल नहीं हुआ जिससे बाजार में मिलाजुला लेकिन सकारात्मक माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
निफ्टी के प्रमुख लाभ कमाने वाले और पिछड़ने वाले शेयर
कारोबारी सत्र के शुरुआती घंटों में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया और बढ़त हासिल की। बढ़ने वाले शेयरों की सूची में ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और मैक्स हेल्थकेयर जैसी बड़ी कंपनियां प्रमुख रूप से शामिल रहीं। इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी देखी गई जिसके कारण इनके दाम ऊपर चढ़े। दूसरी तरफ कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा जिससे वे लाल निशान पर आ गईं। गिरावट दर्ज करने वाली कंपनियों में मारुति सुजुकी, सिप्ला, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर शामिल रहे। इन कंपनियों के सूचकांक में कमजोरी आने की वजह से बाजार की कुल तेजी पर थोड़ा असर पड़ा लेकिन इसके बावजूद सूचकांक सकारात्मक दायरे में बने रहने में कामयाब रहे।
बाजार की पृष्ठभूमि और वैश्विक संकेतों का प्रभाव
भारतीय शेयर बाजार की इस धीमी लेकिन सकारात्मक शुरुआत के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिल रहे अनुकूल संकेत मुख्य वजह रहे। वैश्विक बाजारों के रुख का असर घरेलू निवेशकों की धारणा पर भी साफ तौर पर दिखाई दिया। बाजार के जानकारों और निवेशकों की निगाहें इस समय विभिन्न कंपनियों के दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणामों और व्यावसायिक अपडेट्स पर टिकी हुई हैं। इस तिमाही के दौरान आने वाले आंकड़े आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। शुरुआती कारोबार में शेयरों की घट-बढ़ यह दर्शाती है कि निवेशक बहुत सावधानी के साथ अपने कदम आगे बढ़ा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक गतिविधियों और घरेलू कॉर्पोरेट नतीजों के बीच बाजार में कारोबार आगे भी जारी रहने की पूरी उम्मीद है जिससे निवेशकों को अपनी रणनीति बनाने में मदद मिल रही है।