सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
मुंबई स्थित शेयर बाजार में गुरुवार 8 अक्टूबर को निवेशकों की भारी बिकवाली का माहौल रहा। बंबई शेयर बाजार का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 1,045.46 अंक फिसलकर 71,593.24 के स्तर पर बंद हुआ, जो कि 1.44 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक भी इस दबाव से अछूता नहीं रहा और 371.25 अंक यानी 1.64 प्रतिशत टूटकर 22,231.80 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान निफ्टी ने बीते 52 हफ्तों का नया निचला स्तर भी छुआ। अब शुक्रवार 9 अक्टूबर को बाजार के सभी प्रतिभागियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बिकवाली का यह सिलसिला थमेगा या गिरावट और गहराएगी। बाजार का रुख मुख्य रूप से वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगा। सुबह के समय गिफ्ट निफ्टी में मामूली तेजी जरूर दिखी, लेकिन बाजार की वास्तविक दिशा के लिए व्यापक आर्थिक डेटा और कॉरपोरेट जगत की हलचल पर नजर रखना अनिवार्य होगा।
आईटी शेयरों पर अमेरिकी नीति का असर
भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर अमेरिका की हालिया कार्रवाई का बुरा असर पड़ रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम के तहत इंफोसिस, विप्रो, टीसीएस, कॉग्निजेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और कैपजेमिनी समेत कई बड़ी आईटी कंपनियों को निलंबित कर दिया है। इस सूची में माइक्रोसॉफ्ट और एडोब जैसी दिग्गज कंपनियां भी शामिल हैं, जिससे विदेशी कर्मचारियों के रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रायोजन की प्रक्रिया जटिल हो सकती है। इसके अलावा गुरुवार को इंफोसिस और विप्रो के अमेरिकी डिपॉजिटरी रसीद में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके साथ ही कई प्रमुख कंपनियां वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय परिणाम घोषित करने की तैयारी में हैं। इनमें पूनावाला फिनकॉर्प, आनंद राठी वेल्थ, कैनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस, कैनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट और कैन फिन होम्स प्रमुख हैं। निवेशक इन कंपनियों के मार्जिन, आय वृद्धि और भविष्य के ऑर्डर पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
कच्चा तेल और नई व्यावसायिक परियोजनाएं
कच्चे तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव ने बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, ब्रेंट क्रूड शुक्रवार को 0.7 प्रतिशत गिरकर 103.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, लेकिन गुरुवार को इसमें 4 प्रतिशत तक की उछाल देखी गई थी। यह राहत ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई न करने के अमेरिकी बयान के बाद मिली है। दूसरी तरफ कंपनियों के लिए नए ऑर्डर्स के सकारात्मक संकेत भी हैं। केईसी इंटरनेशनल ने 1,030 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए हैं, जिससे उनका कुल ऑर्डर इनटेक 8,600 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। एनसीसी को हैदराबाद में 1,286.03 करोड़ रुपये का रोड प्रोजेक्ट मिला है, जबकि वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज और पेस डिजिटेक को सौर ऊर्जा तथा बैटरी स्टोरेज क्षेत्र में नए काम मिले हैं। हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने एंथ्रोपिक के साथ साझेदारी की घोषणा की है। साथ ही कमिंस इंडिया ने नए एमडी की नियुक्ति को मंजूरी दी है, जो नवंबर से प्रभावी होगी।