सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती बढ़त
सप्ताह के दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत दर्ज की गई और सूचकांक ऊपर की ओर बढ़े। निवेशकों के बीच लिवाली का रुझान बनने से सेंसेक्स दो सौ अंकों से अधिक की छलांग लगाकर बहत्तर हजार एक सौ पचास के स्तर पर कामकाज करता नजर आया। इसी प्रकार दूसरा प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी पचास अंकों से ज्यादा की मजबूती के साथ बाईस हजार चार सौ के आस-पास पहुंच गया। इस कारोबारी सत्र के दौरान मुख्य रूप से बैंकिंग और आईटी के अलावा एफएमसीजी क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में अच्छी खासी खरीदारी का माहौल बना रहा। इसके ठीक विपरीत दिनभर के कारोबार में भारतीय बाजार से इतर एशियाई महाद्वीप के दूसरे प्रमुख शेयर बाजारों में कमजोरी का रुख छाया रहा और गिरावट दर्ज की गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से लगातार हो रही शेयरों की भारी बिकवाली घरेलू बाजार से जुड़े लोगों के लिए चिंता का एक बड़ा कारण बनी हुई है। बाजार के जानकारों के अनुसार यह प्रवृत्ति आने वाले दिनों में बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है। इस बीच निवेशकों को सतर्क रहकर हर एक गतिविधि पर अपनी नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है ताकि किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके।
विदेशी और घरेलू निवेशकों के आंकड़े
विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बनाए रखा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने बीते सात दिनों के भीतर चौबीस हजार तीन सौ बयालीस करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की है। यदि पिछले तीस दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उनकी शुद्ध बिकवाली छियासी हजार चौहत्तर करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस कठिन समय में बाजार को मजबूत संबल प्रदान किया है। घरेलू निवेशकों ने पिछले सात दिनों में तेईस हजार अठासी करोड़ रुपये और पिछले तीस दिनों में चौरानवे हजार चार सौ चवालीस करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की है। केवल तेरह अक्टूबर के ही आंकड़ों को देखें तो घरेलू संस्थागत निवेशकों ने तीन हजार पैंतालीस करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की जबकि विदेशी निवेशकों की तरफ से एक हजार सात सौ नौ करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली दर्ज की गई। यह आंकड़े इस बात को स्पष्ट करते हैं कि घरेलू पूंजी बाजार को सहारा देने में स्थानीय संस्थाएं कितनी अहम भूमिका निभा रही हैं। इन तमाम गतिविधियों के बीच बाजार के सभी प्रतिभागी हर एक आंकड़े का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं और अपनी रणनीति तय कर रहे हैं।
वैश्विक बाजार का हाल और पिछला दिन
भारतीय बाजार से बाहर दुनिया भर के शेयर बाजारों में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक छह दशमलव आठ सात प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ पांच हजार नौ सौ पचास पर आ गया। जापान का निक्केई सूचकांक ढाई प्रतिशत से अधिक टूटकर सड़सठ हजार दो सौ बानवे पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक भी शून्य दशमलव आठ एक प्रतिशत फिसलकर चौबीस हजार एक सौ तीन के स्तर पर जा पहुंचा। अमेरिका के शेयर बाजारों में बारह अक्टूबर को कारोबार का रुख काफी मिला-जुला रहा था। डाउ जोन्स सूचकांक एक सौ छियानवे अंक यानी शून्य दशमलव तीन आठ प्रतिशत की बढ़त लेकर इक्यावन हजार आठ सौ इक्यावन पर बंद हुआ था। दूसरी तरफ नैस्डैक में एक सौ बीस अंकों की गिरावट आई और वह सत्ताईस हजार दो सौ छियालीस पर सिमट गया। एसएंडपी पांच सौ सूचकांक में भी मामूली सुस्ती रही और वह शून्य दशमलव शून्य छह प्रतिशत घटकर सात हजार आठ सौ सात पर बंद हुआ। इससे ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा था। उस दिन सेंसेक्स पांच सौ अड़तालीस अंक लुढ़ककर इक्याहतर हजार नौ सौ पच्चीस पर बंद हुआ था और निफ्टी एक सौ सत्तावन अंक गिरकर बाईस हजार तीन सौ त्रेसठ के स्तर पर आ गया था। इन सभी वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों के बीच निवेशक अपनी आगामी रणनीति बना रहे हैं।