घरेलू शेयर बाजार की सुबह की शुरुआत
विदेशी बाजारों से मिल रहे सुस्त संकेतों के बीच भारत के स्टॉक मार्केट ने गुरुवार को सकारात्मक दायरे में कारोबार की शुरुआत की। बंबई स्टॉक एक्सचेंज का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स एक सौ तिरासी अंकों की बढ़त के साथ बहत्तर हजार नौ सौ छियासठ के स्तर पर खुला। इसके अलावा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का पचास शेयरों वाला पैमाना निफ्टी अड़तालीस अंक ऊपर बाइस हजार छः सौ इਕहत्तर के स्तर पर खुलने में कामयाब रहा। कारोबार आगे बढ़ने पर सेंसेक्स तीन सौ पचासी अंक ऊपर तिहत्तर हजार एक सौ सड़सठ के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी में भी एक सौ छः अंकों की छलांग दर्ज की गई और वह बाइस हजार सात सौ उन्तीस के स्तर पर जा पहुंचा। सुबह नौ बजकर पचपन मिनट पर सेंसेक्स सात सौ इकतालीस अंकों की भारी बढ़त के साथ तिहत्तर हजार पाँच सौ सत्ताईस के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी इस दौरान दो सौ दस अंक ऊपर बाइस हजार आठ सौ तैंतीस के स्तर पर पहुंच गया था। इस तेजी को बनाए रखने में कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा जिससे निवेशकों को शुरुआती घंटों में राहत मिली।
आईटी शेयरों की मजबूती और प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन
कारोबार के शुरुआती घंटों में प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों ने सूचकांक को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। टेक महिंद्रा, टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। इन प्रमुख कंपनियों के साथ भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के शेयरों ने भी बाजार को पूरा समर्थन दिया। सुबह नौ बजकर पैंतीस मिनट के आंकड़ों के अनुसार इन चुनिंदा शेयरों में एक दशमलव दो एक से लेकर दो दशमलव आठ पाँच प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली थी। इस खरीदारी के सहारे सेंसेक्स पांच सौ तीस अंकों की बढ़त के साथ बहत्तर हजार तीन सौ बारह पर पहुंच गया था जबकि निफ्टी एक सौ अड़तालीस अंक ऊपर बाइस हजार सात सौ सतहत्तर के स्तर पर था। सुबह के सत्र में निवेशकों की तरफ से इन चुनिंदा शेयरों में लगातार लिवाली का दौर जारी रहा। हालांकि निवेशकों की नजर वैश्विक स्तर पर चल रही उथल-पुथल पर भी बनी हुई थी क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के हालात का असर किसी भी समय घरेलू बाजार के रुख को बदल सकता था।
वैश्विक बाजारों का दबाव और महंगाई के आंकड़े
दुनिया भर के प्रमुख बाजारों में महंगाई के बढ़ते आंकड़ों और अमेरिका से लेकर जापान तथा दक्षिण कोरिया तक बिकवाली के भारी दबाव का माहौल बना हुआ है। अमेरिका में सितंबर महीने के दौरान सालाना उपभोक्ता महंगाई दर बढ़कर तीन दशमलव सात प्रतिशत हो गई जबकि अगस्त के महीने में यह दर तीन दशमलव चार प्रतिशत दर्ज की गई थी। महंगाई के इन ऊंचे आंकड़ों ने बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच यह आशंका पैदा कर दी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने से परहेज कर सकता है। इसके विपरीत इस बात की चिंता है कि ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखा जा सकता है जिससे जोखिम भरे परिसंपत्तियों में निवेश प्रभावित होगा। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों और चिप निर्माण में हो रहे भारी भरकम पूंजी निवेश को लेकर भी निवेशकों में असमंजस की स्थिति है। दक्षिण कोरिया के कोस्पी सूचकांक में आठ प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई जबकि जापान के निक्केई दो सौ पच्चीस में चार प्रतिशत का नुकसान देखा गया। अमेरिकी नैस्डैक में भी लगभग दो प्रतिशत की कमजोरी आई और दक्षिण कोरियाई बाजार में सेमीकंडक्टर कंपनियों का बड़ा हिस्सा होने के कारण वहां गिरावट का असर सबसे अधिक तीव्र रहा।