सेवानिवृत्त बैंककर्मी से डिजिटल मुद्रा के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी
घटना उत्तर प्रदेश के नोएडा इलाके की है जहां साइबर अपराधियों ने एक पूर्व बैंक अधिकारी को अपने जाल में फंसाया। पंजाब नेशनल बैंक से वरिष्ठ प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए प्रमोद चोपड़ा के साथ यह बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी हुई है। पीड़ित प्रमोद चोपड़ा सेक्टर-55 के निवासी हैं और इस साल जुलाई के महीने में कुछ अज्ञात लोगों ने उनसे संपर्क साधा था। इन अज्ञात जालसाजों ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी बाजार में कारोबार करने का बड़ा लालच दिया और भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर निवेश करने के लिए राजी कर लिया। पीड़ित व्यक्ति ने आरोपियों के बहकावे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा इन डिजिटल माध्यमों में लगाना शुरू कर दिया। ठगों ने बहुत ही शातिर तरीके से उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा और उन्हें निवेश का झूठा विश्वास दिलाते रहे। आरोपियों द्वारा बताए गए निर्देशों का पालन करते हुए पीड़ित ने अपनी तरफ से लगातार कई बार में पैसे ट्रांसफर किए। यह पूरा वाकया तब सामने आया जब पीड़ित ने अपनी जमा पूंजी और उस पर मिलने वाले कथित मुनाफे को निकालने का प्रयास किया। जालसाजों की इस शातिर हरकत से एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी को अपनी बड़ी जीवन भर की जमा पूंजी से हाथ धोना पड़ गया।
विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई बड़ी रकम और पुलिस की कार्रवाई
इस बड़ी ठगी को अंजाम देने के लिए साइबर अपराधियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया। पीड़ित प्रमोद चोपड़ा ने इस साल 24 जुलाई से लेकर 28 सितंबर के बीच की समयाधि में अपनी धनराशि भेजी। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अलग-अलग बैंक खातों से कुल 22 ऐसे खातों में पैसे ट्रांसफर किए जो आरोपियों ने उन्हें बताए थे। जब पीड़ित ने संबंधित ऑनलाइन पोर्टल को देखा तो वहां उनके निवेश की गई रकम काफी बढ़ी हुई दिखाई दे रही थी। इस बड़े हुए आंकड़े को देखकर उन्हें अपनी पूंजी सुरक्षित होने का भ्रम हुआ और वे झांसे में फंसते चले गए। लेकिन असली सच्चाई तब सामने आई जब उन्होंने उस पोर्टल से अपने पैसे निकालने की कोशिश की। आरोपियों ने रकम निकालने की एवज में कर और अन्य तरह के शुल्कों के नाम पर और अधिक रुपयों की मांग शुरू कर दी। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी का पूरा संदेह हुआ और वे तुरंत थाने पहुंचे। साइबर अपराध थाने में आज इस मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई जिसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच जारी और शेयर बाजार से जुड़े एक अन्य मामले का खुलासा
साइबर अपराध थाने की पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है और गहनता से तफ्तीश कर रही है। पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने इस पूरी घटना की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी साझा की है। अधिकारियों का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि ठगी गई यह भारी रकम आखिरकार किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। पुलिस तकनीकी विश्लेषण के जरिए उन सभी खातों और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है जिन्होंने इस ठगी को अंजाम दिया। इस बीच पुलिस ने एक अन्य अलग मामले का भी खुलासा किया है जो इसी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। एक महिला ने बीती बृहस्पतिवार की रात को साइबर अपराध थाने में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उस महिला ने पुलिस को बताया कि साइबर जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश करके मुनाफा कमाने का झांसा दिया था। शेयर बाजार के नाम पर उस महिला से कथित तौर पर इकसठ लाख रुपये की बड़ी रकम ठग ली गई। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर भी तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज कर लिया है और दोनों मामलों की समानांतर जांच शुरू कर दी है।