निर्माण कार्य के दौरान गंभीर हादसा
देवरिया जिले के गौरी बाजार क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान पर काम करते समय दो मजदूर बिजली की खतरनाक चपेट में आ गए। यह घटना स्थानीय लवकनी गांव निवासी बोल बम शर्मा के मकान पर हुई। मजदूर उस समय मकान की दूसरी मंजिल पर एल्युमीनियम का सामान ले जाने का काम कर रहे थे। उसी दौरान सामान वहां से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारों के संपर्क में आ गया। बिजली का करंट लगने से वहां मौजूद दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया है। यह घटना निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है क्योंकि हाईटेंशन तारों के पास सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक होता है।
घायलों की पहचान और तत्काल उपचार
हादसे में घायल हुए दोनों मजदूरों की पहचान कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार, घायल मजदूरों में प्लांट फैक्ट्री निवासी 28 वर्षीय धनंजय और देवकुआं लंगड़ी गांव का निवासी 28 वर्षीय मनीष कुमार शामिल हैं। दोनों ही मजदूर निर्माण कार्य के दौरान दूसरी मंजिल पर एल्युमीनियम का सामान शिफ्ट करने की प्रक्रिया में जुटे थे। तभी अचानक सामान हाईटेंशन तार को छू गया, जिससे करंट का जोरदार झटका लगा। दोनों मजदूर बिजली के झटके से मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत गौरी बाजार के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने दोनों की स्थिति को चिंताजनक माना। डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर पर बिजली के झटके के गहरे निशान हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। इसीलिए, उन्हें तत्काल प्रभाव से गोरखपुर के अस्पताल में रेफर करने का निर्णय लिया गया ताकि उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा मिल सके।
सुरक्षा के प्रति बढ़ती गई लापरवाही
निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी अक्सर इस तरह की दर्दनाक घटनाओं का कारण बनती है। मकान मालिक बोल बम शर्मा के घर पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बिजली विभाग के हाईटेंशन तारों से पर्याप्त दूरी नहीं रखी गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची इमारतों के निर्माण के समय पास से गुजरने वाली बिजली लाइनों के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए थी। इस तरह की घटनाएं यह बताती हैं कि काम के दौरान सुरक्षा उपकरणों और दिशा-निर्देशों का पालन करना कितना अनिवार्य है। वर्तमान में दोनों पीड़ित मजदूर गोरखपुर में चिकित्सा का सामना कर रहे हैं, जहां उनके परिवार वाले काफी तनाव में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग को भी घनी बस्तियों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा ऑडिट करनी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने निर्माण गतिविधियों के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने की मांग तेज कर दी है।