हिंदी बाजार में डीआरआई की बड़ी कार्रवाई
गोरखपुर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र हिंदी बाजार की सराफा मंडी में राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई के अधिकारियों ने अचानक पहुंचकर बड़ी कार्रवाई की है। आज 15 अक्टूबर 2026 को सुबह से ही इस बाजार में हड़कंप मच गया जब केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम ने सराफा कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर दस्तक दी। यह क्षेत्र शहर का मुख्य सोना-चांदी व्यापारिक केंद्र माना जाता है। डीआरआई की टीम ने पूरी सावधानी और गोपनीयता के साथ बाजार के भीतर प्रवेश किया और विशिष्ट दुकानों को अपने घेरे में ले लिया। स्थानीय स्तर पर हो रही गतिविधियों की जानकारी मिलते ही आसपास के व्यापारियों में भी चिंता देखी गई। जांच एजेंसी के अधिकारी सीधे तौर पर सोना और चांदी के भौतिक स्टॉक के मिलान में जुट गए। इस दौरान किसी भी व्यापारी को दुकान से बाहर आने या अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी ताकि जांच की प्रक्रिया में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। यह पूरी कार्रवाई राजस्व खुफिया निदेशालय के उन नियमित अभियानों का हिस्सा है जो कर चोरी और अवैध धातुओं की आवाजाही को रोकने के लिए समय-समय पर देशभर में चलाए जाते हैं।
स्टॉक की पड़ताल और जांच का ब्यौरा
राजस्व खुफिया निदेशालय की टीम ने हिंदी बाजार की सराफा मंडी में मौजूद सोना और चांदी के स्टॉक की बारीकी से जांच की। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना था कि व्यापारियों द्वारा रखे गए स्टॉक का बही-खातों से मिलान हो रहा है या नहीं। अधिकारियों ने दुकानों में मौजूद कीमती धातुओं की मात्रा, उनकी शुद्धता के प्रमाण पत्र और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड को एक-एक करके खंगाला। इस प्रक्रिया में डीआरआई के अधिकारियों ने व्यापारियों से उनके द्वारा खरीदे गए सोने के स्रोत और उनके आयात संबंधी दस्तावेजों की मांग की। सराफा कारोबार से जुड़े व्यापारियों को अपने स्टॉक रजिस्टर और पिछले कुछ महीनों के लेनदेन का ब्योरा दिखाने को कहा गया। मौके पर मौजूद टीम ने स्टॉक का फिजिकल वेरिफिकेशन किया ताकि बाजार में किसी भी तरह की अनधिकृत धातु की मौजूदगी को नकारा जा सके। इस दौरान अधिकारियों ने कुछ महत्वपूर्ण कागजी दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी बाद में मुख्यालय में गहन समीक्षा की जाएगी। किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। डीआरआई की यह टीम पूरे दिन बाजार में सक्रिय रहकर एक-एक प्रतिष्ठान की पड़ताल करती रही जिससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों पर भी सीधा असर पड़ा।
कर चोरी और तस्करी रोकने की प्रक्रिया
राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई देश की एक शीर्ष जांच एजेंसी है जो मुख्य रूप से तस्करी, सीमा शुल्क चोरी और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन जैसे मामलों की देखरेख करती है। सराफा बाजार में ऐसी छापेमारी का मुख्य उद्देश्य सोने और चांदी के अवैध व्यापार या बिना उचित दस्तावेजों के लाए गए स्टॉक को पकड़ना होता है। अक्सर त्यौहारों या शादी-ब्याह के सीजन के करीब आने पर ऐसी जांच बढ़ जाती है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके। आम नागरिकों और निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि सराफा बाजार में हर लेनदेन पारदर्शी होना चाहिए और व्यापारियों के पास सोने की खरीद का वैध बिल होना अनिवार्य है। ऐसी कार्रवाई का असर सीधे तौर पर बाजार में सोने की कीमतों और पारदर्शिता पर पड़ता है। इस छापेमारी के बाद स्थानीय व्यापारियों के बीच सतर्कता का माहौल है और सभी अपने दस्तावेजों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। डीआरआई की यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए है कि किसी भी प्रकार की कर चोरी न हो और सरकारी नियमों का पूर्णतः पालन किया जाए। अभी तक जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन भविष्य में इस तरह की निगरानी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।