कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      'इतना अन्याय किसी परिवार के ऊपर नहीं हुआ होगा...', अखिलेश यादव ने आजम खान के लिए ऐसा क्यों कहा?      अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      गूगल के CEO सुंदर पिचाई से बोले ट्रंप- अभी अटलांटिक का नाम बदलो, फिर मैं प्रशांत      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

हरित ऊर्जा की बड़ी छलांग: राजस्थान के जैसलमेर में देश का सबसे बड़ा संकर सौर-पवन पार्क बनकर तैयार

राजस्थान के जैसलमेर जिले के थार मरुस्थल में देश के सबसे बड़े संकर सौर और पवन ऊर्जा पार्क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जो लाखों घरों को स्वच्छ बिजली प्रदान करेगा।

X
Kantap News डेस्क
18 अग 2026, 14:18
हरित ऊर्जा की बड़ी छलांग: राजस्थान के जैसलमेर में देश का सबसे बड़ा संकर सौर-पवन पार्क बनकर तैयार
राजस्थान के विशाल थार मरुस्थल के बीच जैसलमेर जिले में अत्याधुनिक तकनीक से लैस देश के सबसे बड़े संकर (हाइब्रिड) सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन पार्क का निर्माण कार्य आज आधिकारिक रूप से पूरा हो गया है। इस वृहद परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता तीन हजार मेगावाट है और इसमें सौर पैनलों के साथ-साथ अत्यंत उन्नत पवन चक्कियों को भी एक ही ग्रिड से जोड़ा गया है, जिससे मौसम चाहे धूप वाला हो या तेज हवाओं वाला, बिजली का उत्पादन निरंतर और निर्बाध रूप से जारी रहता है। इस मेगा प्रोजेक्ट पर देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों ने भारी निवेश किया है और इसके पूरी तरह चालू हो जाने से उत्तर भारत के कई राज्यों में बिजली की मांग को पूरा करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी तथा कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी।

पर्यावरण अनुकूल तकनीक और रोजगार सृजन

इस संकर पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह मरुस्थलीय भूमि का अत्यंत कुशलता से उपयोग करता है जहाँ कृषि या अन्य गतिविधियां संभव नहीं थीं, और इससे पर्यावरण को कोई नुकसान पहुंचाए बिना हरित ऊर्जा का विशाल भंडार तैयार होता है। इस परियोजना के निर्माण के दौरान स्थानीय युवाओं के लिए हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी एक नई दिशा मिली है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की संकर ऊर्जा परियोजनाएं भारत सरकार के उस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होंगी जिसके तहत वर्ष दो हजार तीस तक गैर-जॉश्म ईंधन स्रोतों से पांच सौ गीगावॉट ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

ग्रिड एकीकरण और आगामी विस्तार योजनाएं

इस विशाल ऊर्जा पार्क से उत्पन्न होने वाली बिजली को देश के राष्ट्रीय पावर ग्रिड तक पहुंचाने के लिए एक नया अत्याधुनिक उच्च-वोल्टेज पारेषण नेटवर्क तैयार किया गया है, जो बिजली के नुकसान को न्यूनतम रखता है। राज्य सरकार और ऊर्जा मंत्रालय अब इस परियोजना के अगले चरण की तैयारियों में जुट गए हैं, जिसके तहत पार्क की क्षमता को अगले दो वर्षों में दोगुना करने की योजना बनाई जा रही है। इस प्रकार की बड़ी हरित पहलों से न केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होती है बल्कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भी भारत की अग्रणी भूमिका दुनिया के सामने मजबूती से उभर कर आती है।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज