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कारोबार अब आसान: बिहार सरकार ने 9 विभागों की 62 सेवाएं एक ही पोर्टल पर कीं उपलब्ध

बिहार में व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब उद्यमियों और कारोबारियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे क्योंकि नौ अलग-अलग विभागों की बासठ महत्वपूर्ण सेवाओं को एक ही डिजिटल मंच पर समेकित कर दिया गया है।

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Ankit Yadav
24 सित 2026, 12:21
कारोबार अब आसान: बिहार सरकार ने 9 विभागों की 62 सेवाएं एक ही पोर्टल पर कीं उपलब्ध

एकल खिड़की प्रणाली के तहत शुरू हुई नई डिजिटल व्यवस्था बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई इस नवीन डिजिटल व्यवस्था के तहत प्रदेशभर के उद्यमियों और व्यापारियों को अब विभिन्न प्रकार की अनुमतियों और प्रमाणपत्रों के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से बड़ी राहत मिल जाएगी। राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस नई पहल के अंतर्गत कुल नौ प्रमुख विभागों की बासठ अलग-अलग सेवाओं को तकनीकी रूप से जोड़कर एक ही एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया गया है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे या अपने दफ्तर से ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकता है और तय समय सीमा के भीतर अपनी जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त कर सकता है। इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य लालफीताशाही को पूरी तरह से समाप्त करना और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देना है ताकि आम नागरिकों और विशेषकर व्यापारिक वर्ग को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों का मानना है कि इस पोर्टल के सुचारू रूप से संचालन से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और फाइलों के लंबे समय तक लंबित रहने की पुरानी समस्या से भी स्थायी तौर पर निजात मिल सकेगी।

औद्योगिक विकास और सुगमता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम व्यापार सुगमता यानी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के वैश्विक और राष्ट्रीय सूचकांकों में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए बिहार सरकार पिछले काफी समय से प्रशासनिक तंत्र में बड़े बदलाव लाने का प्रयास कर रही थी। किसी भी राज्य में नए उद्योगों की स्थापना और उनके संचालन के लिए विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना एक बेहद जटिल और लंबी प्रक्रिया मानी जाती है जिसमें निवेशकों का बहुमूल्य समय और धन दोनों बर्बाद होते हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए देश के कई राज्यों ने एकल खिड़की प्रणाली को अपनाया है और अब बिहार ने भी इस दिशा में एक निर्णायक कदम बढ़ा दिया है। इस एकीकृत पोर्टल के जरिए लाइसेंस, पंजीकरण, नवीनीकरण और अन्य वैधानिक मंजूरियों जैसी तमाम औपचारिकताएं अब डिजिटल माध्यम से पूरी हो सकेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल और पारदर्शी नहीं होंगी, तब तक बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करना कठिन होता है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से न केवल प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा बल्कि छोटे और मध्यम वर्ग के उद्यमियों का मनोबल भी काफी हद तक बढ़ेगा जो लंबे समय से ऐसी किसी केंद्रीकृत सुविधा की मांग कर रहे थे।

राज्य के आर्थिक परिदृश्य पर पड़ेगा गहरा सकारात्मक प्रभाव इस नई डिजिटल व्यवस्था के धरातल पर उतरने के बाद बिहार के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आने की पूरी संभावना जताई जा रही है। स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने के साथ-साथ राज्य में नए स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों की स्थापना को भी तीव्र गति मिलेगी। जब व्यापार से जुड़ी तमाम औपचारिकताएं पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध हो जाएंगी, तो देश-विदेश के बड़े निवेशक भी बिहार की ओर रुख करने में अधिक रुचि दिखाएंगे। सरकार की तरफ से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस पोर्टल के तकनीकी ढांचे को पूरी तरह सुरक्षित और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाया जाए ताकि किसी भी आवेदक को तकनीकी समस्याओं का सामना न करना पड़े। आने वाले दिनों में यदि इस प्रणाली का क्रियान्वयन पूरी सफलता के साथ होता है, तो यह बिहार को देश के अग्रणी निवेश अनुकूल राज्यों की पंक्ति में खड़ा करने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। व्यापारिक संगठनों और उद्योगपतियों ने भी सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए इसके जल्द और प्रभावी परिणाम सामने आने की उम्मीद जताई है।

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