कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
'मराठा आरक्षण आंदोलन रोकने के लिए 500 करोड़ दे रहे थे', जरांगे पाटिल ने लगाया आरोप; शिंदे ने किया इनकार      रिलायंस की रिफाइनरी में रुबियो का जोरदार स्वागत, अंबानी संग कई अहम मुद्दों पर हुई बात      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      ‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      यूं ही नहीं फ्रांस से भारत तक हो रहे दंगे-प्रदर्शन, 13 देशों के 101 संगठनों का सीक्रेट नेटवर्क कर रहा काम      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

करियर परिवर्तन: अमेरिका की नौकरी छोड़कर बिहार में शुरू की मखाना खेती

विदेश में आरामदायक कॉरपोरेट जीवन को अलविदा कहकर एक युवा ने अपनी मातृभूमि का रुख किया। बिहार के पारंपरिक कृषि व्यवसाय से जुड़कर उन्होंने मिथिला मखाना को वैश्विक पहचान दिलाने का बीड़ा उठाया है। उनकी यह अनूठी पहल स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।

A
Ankit Yadav
23 सित 2026, 15:04
करियर परिवर्तन: अमेरिका की नौकरी छोड़कर बिहार में शुरू की मखाना खेती

टेक्सास की आरामदायक नौकरी को किया अलविदा अमेरिका के टेक्सास राज्य में एक स्थिर और आकर्षक वेतन वाली नौकरी को छोड़कर स्वदेश लौटने का साहसिक निर्णय लेना किसी भी युवा के लिए आसान नहीं होता है। परंतु इस शख्स ने विदेश के उस चकाचौंध भरे जीवन को त्यागने में जरा भी संकोच नहीं किया क्योंकि उनके मन में अपनी माटी के लिए कुछ बड़ा करने की प्रबल इच्छा थी। उन्होंने वहां के कॉरपोरेट तंत्र से पूरी तरह नाता तोड़ लिया और सीधे अपने गृह राज्य बिहार की ओर रुख किया ताकि वहां की पारंपरिक कृषि पद्धति में सुधार लाया जा सके। अमेरिका से भारत की इस लंबी वापसी ने उनके परिवार और मित्रों को भी चौंका दिया था क्योंकि अमूमन लोग विदेश में ही बसने के सपने देखते हैं। मगर उन्होंने पारंपरिक लीक से हटकर कुछ अलग करने का संकल्प लिया था और अपनी इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए उन्होंने मखाना उत्पादन के क्षेत्र को चुना जो कि बिहार के मिथिलांचल की एक बेहद खास पहचान रखती है।

मिथिला के पारंपरिक मखाना उत्पादन को नया आयाम बिहार का मिथिला क्षेत्र सदियों से अपने बेहतरीन गुणवत्ता वाले मखाने के लिए दुनिया भर में मशहूर रहा है लेकिन आधुनिक तकनीकों और वैश्विक विपणन के अभाव में यहाँ के किसानों को उनकी मेहनत का उचित आर्थिक लाभ नहीं मिल पाता था। इस समस्या को गहराई से समझते हुए उन्होंने पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों में आधुनिक बदलाव करने की ठान ली और ज़मीन पर उतरकर काम शुरू किया। उन्होंने मखाना की खेती से लेकर उसकी प्रोसेसिंग और पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया ताकि उत्पाद की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतर सके। कृषि जानकारों का मानना है कि पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर जब युवा वर्ग ऐसे विशिष्ट उत्पादों के व्यवसाय में उतरता है तो पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदलने लगती है। मखाना केवल एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ ही नहीं बल्कि सुपरफूड के रूप में वैश्विक स्वास्थ्य बाजारों में तेजी से अपनी जगह बना रहा है और ऐसे में इस तरह के पेशेवर प्रयासों से इसकी मांग में भारी उछाल दर्ज किया जा रहा है।

वैश्विक बाजार तक पहुँच और भविष्य की संभावनाएँ स्थानीय स्तर पर उगाई जाने वाली इस पारंपरिक फसल को अब दुनिया भर के बाजारों तक पहुँचाने में इस अनूठी पहल ने एक मील का पत्थर साबित किया है। आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क का सही उपयोग करते हुए उन्होंने मिथिला के मखाने को सात समंदर पार बैठे उपभोक्ताओं तक पहुँचाना शुरू कर दिया है जिससे स्थानीय किसानों को भी अब सीधा मुनाफा मिलने लगा है। आने वाले दिनों में इस व्यवसाय के और अधिक विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है जिससे न केवल राज्य के कृषि निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इस प्रकार की सफलता की कहानियां अन्य युवाओं को भी अपनी जड़ों की ओर लौटने और पारंपरिक कृषि क्षेत्रों में नवाचार करने के लिए प्रेरित करती हैं। सरकार और विभिन्न कृषि संगठन भी ऐसे नवोन्मेषी प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि आने वाले समय में बिहार का मखाना उद्योग वैश्विक मंच पर एक नई बुलंदी को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज