कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      "ट्रंप के बयान बेतुके और अस्वीकार्य": मैक्रों ने फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर किया पलटवार      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
व्यापार

फार्मा सेक्टर को राहत: अमेरिका ने भारत सहित 19 देशों की दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर टैरिफ हटाया

अमेरिकी प्रशासन ने भारत सहित 19 सहयोगी देशों को विशेष और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं के निर्यात पर शून्य-टैरिफ छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस कदम से भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों को अमेरिकी बाजार में अपनी जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी।

A
Ankit Yadav
30 सित 2026, 11:50
फार्मा सेक्टर को राहत: अमेरिका ने भारत सहित 19 देशों की दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर टैरिफ हटाया

शून्य-टैरिफ छूट का दायरा और शामिल उत्पाद

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह छूट विशेष रूप से दुर्लभ बीमारियों की दवाओं, फर्टिलिटी ड्रग्स, जीन थेरेपी और जटिल एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) पर लागू होगी। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रहे व्यवधानों को कम करने और अमेरिकी नागरिकों तक सस्ती दवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से यह नीतिगत रियायत दी गई है। भारत के प्रमुख दवा निर्माताओं के लिए यह घोषणा नए निर्यात अवसरों के द्वार खोलने वाली साबित होगी।

भारतीय फार्मा निर्यातकों के लिए आर्थिक प्रभाव

भारतीय दवा निर्यात संवर्धन परिषद के प्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे चालू वित्त वर्ष में भारतीय निर्यात को अतिरिक्त गति मिलेगी। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि यह छूट केवल विशिष्ट श्रेणियों तक सीमित होने के कारण कंपनियों को अपने अनुसंधान और गुणवत्ता मानकों को और कड़ा करना होगा। सन फार्मा, डॉ रेड्डीज और सिप्ला जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में इस खबर के बाद वित्तीय बाजारों में सकारात्मक हलचल देखी गई।

दीर्घकालिक द्विपक्षीय व्यापार वार्ता की पृष्ठभूमि

भारत और अमेरिका के बीच पिछले कई महीनों से बौद्धिक संपदा और चिकित्सा उपकरणों के व्यापार को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय दोनों देशों के बीच मजबूत होते व्यापारिक और कूटनीतिक विश्वास का परिचायक है। भारतीय दवा उद्योग ने दुनिया भर में गुणवत्तापूर्ण और किफायती जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति में जो विश्वसनीयता हासिल की है, यह कदम उसी साख पर वैश्विक मुहर लगाता है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज