अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का जामनगर जाना क्या भारत की अहमियत बताता है?
फ़्रांस के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं पर भड़के, 'इस्लामी और प्रवासी भीड़' के आरोप पर दिया जवाब
मुझे गालियां पड़ेंगी, लेकिन...; योगेंद्र यादव ने कहा- अभी मोदी का इस्तीफा नहीं चाहते लोग
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशियों को मौत की सज़ा दिए जाने से जुड़े वे सवाल जो हैं अनसुलझे
असम सरकार का बड़ा फैसला, रिटायरमेंट से 1 साल पहले शुरू होगी पेंशन की प्रक्रिया
Tiger Shroff Attack Case में बड़ा खुलासा, वारदात से पहले शूटरों ने की थी बंदूक चलाने की प्रैक्टिस, हुआ था म
PM बोले-कुछ लोग विदेशों में भारत को बदनाम कर रहे: कांग्रेस कब तक अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश क...
ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर कल फिर छिड़ेगा संग्राम!
SENSEX लोड हो रहा...| NIFTY लोड हो रहा...| GOLD (10g) ₹—| SILVER (10g) ₹—| USD/INR ₹—| CRUDE OIL $—|Uttar Pradesh — लोड हो रहा है|--:--:--| लाइव अपडेट
रेलवे का बड़ा कदम: टाटानगर में 383.78 करोड़ रुपये से बनेगा अत्याधुनिक वंदे भारत कोच डिपो
झारखंड के महत्वपूर्ण औद्योगीकृत क्षेत्र में रेलवे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत कोच डिपो का निर्माण किया जाएगा, जिस पर कुल 383.78 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी।
A
Ankit Yadav
18 सित 2026, 14:00
भारतीय रेलवे लगातार अपने नेटवर्क को आधुनिक बनाने और यात्रियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी कड़ी में झारखंड के प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र टाटानगर में एक भव्य और अत्याधुनिक वंदे भारत कोच डिपो स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा 383.78 करोड़ रुपये के भारी बजट का प्रावधान किया गया है। इस डिपो के बन जाने से इस क्षेत्र में चलने वाली और भविष्य में आने वाली आधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के रखरखाव, मरम्मत और रख-रखाव संबंधी अन्य तकनीकी कार्यों में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे ट्रेनों के संचालन में होने वाली देरी कम होगी और रखरखाव अधिक कुशलता से किया जा सकेगा।
चार नए प्लेटफॉर्म्स का भी चल रहा है विचार
कोच डिपो के निर्माण के अलावा, रेलवे बोर्ड और स्थानीय प्रबंधन यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए अन्य बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। इसी योजना के अंतर्गत टाटानगर स्टेशन पर चार नए प्लेटफॉर्म्स जोड़ने का प्रस्ताव भी अभी विचाराधीन है। यदि इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो स्टेशन की यात्री वहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्तमान में इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों का भारी दबाव रहता है, और नए प्लेटफॉर्म्स बनने से एक साथ अधिक ट्रेनों का आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे न केवल स्थानीय यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि झारखंड से गुजरने वाली लंबी दूरी की अन्य मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन समय में भी सुधार होने की पूरी उम्मीद है।
इस संपूर्ण परियोजना के पीछे मुख्य उद्देश्य पूर्वी क्षेत्र में रेलवे यातायात को अधिक सुचारू, सुरक्षित और आधुनिक बनाना है। वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों के लिए विशेष डिपो होने से तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सकेगा और ट्रेनों की सुरक्षा जांच भी उच्च मानकों के तहत हो सकेगी। झारखंड के औद्योगिक विकास में टाटानगर की अपनी एक विशेष पहचान है, और इस प्रकार के बड़े बुनियादी ढांचागत निवेश से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी इस प्रोजेक्ट की लगातार निगरानी कर रहे हैं और जल्द ही इसके विभिन्न चरणों के निर्माण कार्य को जमीन पर उतारने की तैयारी चल रही है।
स्थानीय नागरिकों, यात्रियों और विभिन्न व्यापारिक संगठनों ने रेलवे के इस कदम का स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि आधुनिक डिपो और संभावित नए प्लेटफॉर्म्स के जुड़ने से झारखंड के इस मुख्य रेलवे हब का कायाकल्प हो जाएगा। आने वाले दिनों में रेलवे विभाग इस प्रस्ताव से जुड़ी अन्य औपचारिकताओं को पूरा करते हुए निर्माण कार्यों की रूपरेखा सार्वजनिक करेगा, जिससे तय समयसीमा के भीतर इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सके।