बाजार सूचकांकों में आई बड़ी गिरावट
भारतीय शेयर बाजार में बीते सत्र के दौरान निवेशकों ने काफी बिकवाली की है। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दो दिनों तक बनी रहने वाली तेजी को थामते हुए गिरावट के साथ बंद हुए हैं। सेंसेक्स 429.11 अंक टूटकर 72,638.70 के स्तर पर आकर स्थिर हो गया। इसी प्रकार निफ्टी 50 सूचकांक में भी 173.05 अंकों की कमजोरी देखी गई और यह 22,603.05 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार के इन बड़े सूचकांकों में देखी गई यह गिरावट पिछले कुछ समय की बढ़त के बाद एक बड़ा झटका मानी जा रही है। कारोबार में शामिल निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए मुनाफावसूली की है जिससे बाजार का रुझान नकारात्मक बना रहा। बाजार बंद होने तक कुल कारोबार का स्तर बीते दिनों की तुलना में काफी कम और दबाव में दिखाई दिया। सूचकांकों के गिरने से निवेशकों की संपत्ति में भी कमी दर्ज की गई है। बाजार में हुई यह हलचल मुख्य रूप से मौद्रिक नीति में हुए बदलाव का परिणाम है जिसके कारण गुरुवार के दिन बाजार के रुख में बदलाव देखा जा रहा है।
आरबीआई का रेपो रेट बढ़ाने का निर्णय
शेयर बाजार में आई इस गिरावट के पीछे का मुख्य कारण भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में किया गया इजाफा है। केंद्रीय बैंक ने बेंचमार्क दर यानी रेपो रेट में 25 बेसिक पॉइंट्स की बढ़ोतरी करने का बड़ा निर्णय लिया है। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर वाणिज्यिक बैंक केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं। फरवरी 2023 के बाद यह पहला मौका है जब ब्याज दरों में इस तरह का बदलाव किया गया है। अब रेपो रेट 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है। इस फैसले के तुरंत बाद बाजार में प्रतिक्रिया दिखी और इंडेक्स लाल निशान में फिसल गए। रिजर्व बैंक का यह निर्णय देश में बढ़ती हुई महंगाई और वित्तीय स्थिति के नियंत्रण के लिहाज से लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी से बाजार की तरलता प्रभावित होती है और कंपनियों की कर्ज लागत बढ़ जाती है, जिसका असर शेयर कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक है। रेपो रेट में हुई यह वृद्धि सीधे तौर पर आम आदमी और कॉर्पोरेट सेक्टर की ऋण लेने की क्षमता को प्रभावित करती है।
निवेशकों की नजर में मौजूद चुनिंदा स्टॉक
गुरुवार यानी आज के कारोबारी दिन निवेशकों की विशेष नजर कुछ खास शेयरों पर रहने वाली है। टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज और पीसी ज्वेलर्स जैसे प्रमुख नाम इस लिस्ट में शामिल हैं जो बाजार के रुझान के बावजूद सक्रिय रह सकते हैं। इन कंपनियों के शेयर अपनी विशेष कॉर्पोरेट गतिविधियों, नई ऑर्डर बुक की स्थिति और बाजार में जारी अहम घोषणाओं के कारण चर्चा में बने हुए हैं। निवेशक इन स्टॉक्स पर नजर गड़ाए हुए हैं ताकि किसी भी नई जानकारी के आधार पर अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर सकें। यद्यपि बाजार में नकारात्मक दबाव है, फिर भी कुछ विशिष्ट स्टॉक्स में कंपनी-आधारित खबरों की वजह से हलचल जारी रह सकती है। बाजार के विश्लेषक इन कंपनियों के प्रदर्शन का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं ताकि बाजार की दिशा का सही अंदाजा लगाया जा सके। आज के कारोबार में इन शेयरों में होने वाले उतार-चढ़ाव पूरे बाजार की गति को दिशा देने का काम करेंगे। सभी निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की इस अस्थिर स्थिति में सोच-समझकर ही पूंजी का निवेश करें। इन कंपनियों के लिए नई व्यापारिक रणनीतियां और घोषणाएं आने वाले दिनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाली हैं।