बाजार की सकारात्मक शुरुआत
लगातार दो दिनों तक गिरावट का सामना करने के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में राहत की लहर देखी गई है। बीएसई सेंसेक्स ने आज सुबह 72,441.15 के स्तर पर 88 अंकों की मामूली कमजोरी के साथ अपना कामकाज शुरू किया था। हालांकि यह सुस्ती ज्यादा देर तक नहीं टिकी और सुबह 9 बजकर 24 मिनट पर सूचकांक 180 अंक या 0.26 प्रतिशत की उछाल के साथ 72,716 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी सकारात्मक रुख के साथ आगे बढ़ा। सुबह 9 बजकर 26 मिनट पर निफ्टी 17.30 अंक या 0.08 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर 22,733 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया। बाजार के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार सेंसेक्स के कुल 30 सूचीबद्ध शेयरों में से 19 शेयर हरे निशान पर कारोबार कर रहे थे, जबकि 11 शेयरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ था और वे लाल निशान पर थे।
प्रमुख शेयरों और सेक्टर्स का प्रदर्शन
विभिन्न सेक्टर्स में आज शुरुआती दौर में काफी हलचल देखी गई है। निफ्टी मीडिया सूचकांक सबसे आगे रहा जिसमें 2.55 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। इसके बाद निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 2.46 प्रतिशत की मजबूती देखी गई। अन्य क्षेत्रों में निफ्टी आईटी में 1.80 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.33 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1.29 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 1.02 प्रतिशत और निफ्टी सीमेंट में 1.37 प्रतिशत की तेजी रही। व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो टीसीएस ने शानदार प्रदर्शन किया और 2.40 प्रतिशत की बढ़त बनाई। इसके अलावा टेक महिंद्रा 2.12 प्रतिशत, एचसीएल टेक 1.81 प्रतिशत, इंडिगो 1.38 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 1.17 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक में 0.86 प्रतिशत की तेजी देखी गई। दूसरी ओर, गिरावट वाले शेयरों में अडानी पोर्ट्स 1.83 प्रतिशत, सनफार्मा 1.15 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 1.03 प्रतिशत, इटरनल 0.69 प्रतिशत और एनटीपीसी 0.66 प्रतिशत नीचे रहे।
कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
शेयर बाजार में आए इस सुधार के पीछे कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई नरमी को एक मुख्य कारक माना जा रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल जो पहले 107 डॉलर के स्तर को पार कर चुका था, अब घटकर 103 डॉलर के आसपास आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव का घटना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर है क्योंकि अधिक दाम महंगाई बढ़ाते हैं और आर्थिक तंत्र पर बोझ डालते हैं। क्रूड ऑयल की कीमतों में कमी से निवेशकों का भरोसा बाजार में पुनः लौटा है और खरीदारी का रुझान बढ़ा है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बाजार में निवेश करना जोखिम भरा होता है और यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए साझा की गई है। किसी भी वित्तीय निर्णय या निवेश से पहले निवेशकों को अपने निवेश सलाहकार से विस्तृत परामर्श जरूर लेना चाहिए ताकि वे अपने जोखिम को ठीक से समझ सकें।