बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में शेयरों की जोरदार छलांग
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार का कामकाज शुरू होते ही पीसी ज्वैलर लिमिटेड के स्टॉक में भारी लिवाली देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर इस गहने बनाने वाली संस्था के दाम ग्यारह दशमलव छिहत्तर फीसदी की मजबूती के साथ सोलह रुपये सोलह पैसे पर जा पहुंचे। यह स्तर इस अवधि के दौरान इसका सबसे ऊंचा मुकाम है। इस तेजी के बाद से बाजार में इस कंपनी की चर्चा काफी बढ़ गई है और छोटे-बड़े निवेशक इस पर पैनी नजर रख रहे हैं। जानकारों के मुताबिक पिछले एक महीने के भीतर इस शेयर के मूल्य में सत्ताईस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी आ चुकी है। पंद्रह मई दो हजार छब्बीस को इस शेयर का भाव आठ रुपये सैंतीस पैसे था जो अब बढ़कर दोगुने के करीब पहुंच गया है। मौजूदा वर्ष के दौरान अब तक इसके दाम सत्तर फीसदी से अधिक चढ़ चुके हैं। इस व्यापारिक इकाई का सबसे निचला स्तर सात रुपये पैंतालीस पैसे रहा है, जिससे निवेशकों को इस समय तगड़ा मुनाफा मिल रहा है। कंपनी के स्टॉक में आई इस ताजा तेजी से शेयरधारकों के बीच खुशी का माहौल बना हुआ है।
कर्ज का पूरा भुगतान कर डेट-फ्री हुई कंपनी
इस आभूषण निर्माता फर्म ने हाल ही में अपने ऊपर से सभी बैंकों का पिछला बकाया पूरी तरह चुकता कर दिया है। चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के दौरान इसे आधिकारिक रूप से कर्ज-मुक्त श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। प्रबंधन ने अपने सभी वित्तीय लेन-देन और किस्तों का भुगतान निर्धारित अंतिम तिथि से काफी पहले ही पूरा कर लिया है। बैंक का एक भी पैसा बकाया नहीं रहने के कारण आने वाले समय में संस्थान को ब्याज के रूप में भारी रकम नहीं चुकानी पड़ेगी। इस बचत का सीधा लाभ कंपनी के मुनाफे पर पड़ेगा और इसकी बैलेंस शीट पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी। चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के दौरान इस ज्वैलरी फर्म को अपने पुराने निर्यात लेनदारों से लगभग एक सौ बयालीस करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। इसके अलावा उत्कृष्ट उपभोक्ता मांग के चलते व्यवसाय ने इस अवधि के दौरान शानदार परिणाम दिए हैं। संस्था के समेकित राजस्व में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अट्ठाइस प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो इसके बढ़ते हुए व्यावसायिक चलन को साफ-साफ दर्शाती है।
पांच महीने की अवधि में नब्बे फीसदी का उछाल
पिछले पांच महीनों के भीतर इस गहना निर्माता के शेयरों की कीमतों में नब्बे प्रतिशत से भी अधिक का बड़ा उछाल देखा गया है। शेयर बाजार में इस फर्म के ऐतिहासिक फैसलों का असर भी इसके कामकाज और निवेशकों के भरोसे पर साफ नजर आ रहा है। इतिहास पर नजर डालें तो इस कंपनी ने दिसंबर दो हजार चौबीस के दौरान अपने शेयरों का विभाजन किया था। उस समय दस रुपये अंकित मूल्य वाले एक शेयर को बदलकर दस छोटे टुकड़ों में बांटा गया था, जिसके तहत हर शेयर का नया अंकित मूल्य एक रुपया कर दिया गया था। इसके अलावा यह व्यापारिक संस्थान अपने शेयरधारकों को पहले भी बोनस शेयरों का बड़ा तोहफा दे चुका है। जुलाई दो हजार सत्रह में इस कंपनी ने एक अनुपात एक के हिसाब से अपने निवेशकों को बोनस शेयर बांटे थे, जिसका अर्थ है कि हर एक शेयर पर एक अतिरिक्त शेयर मुफ्त दिया गया था। कंपनी की इन सभी कारोबारी गतिविधियों और वित्तीय सुधारों के कारण निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत होता जा रहा है। हालांकि शेयर बाजार के जानकारों का यह भी कहना है कि बाजार हमेशा जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए किसी भी प्रकार के निवेश का फैसला लेने से पहले पूरी जांच-परख जरूर कर लेनी चाहिए।