दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सोने के भाव
सात अक्टूबर को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बाजारों में सोने के खुदरा भावों में कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का मूल्य 1,50,380 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके अलावा 22 कैरेट सोने की कीमत 1,36,890 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। यह कीमतें घरेलू खुदरा बाजार पर आधारित हैं। खरीदारों को ध्यान देना चाहिए कि आभूषणों की अंतिम खरीद के समय इसमें मेकिंग चार्ज यानी बनाने का शुल्क, सरकारी जीएसटी और अन्य अतिरिक्त करों को जोड़ा जाएगा। इन शुल्कों के जुड़ने से ग्राहकों को चुकाई जाने वाली अंतिम रकम में अंतर आ सकता है। बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश में 24 कैरेट स्वर्ण के मूल्यों में निरंतर उतार-चढ़ाव बना हुआ है। खरीदारों को अपनी स्थानीय दुकानों पर दरों की सटीक जानकारी के लिए संपर्क करना चाहिए क्योंकि ज्वेलर के अनुसार भाव बदल सकते हैं।
चांदी की कीमतों में गिरावट का विश्लेषण
उत्तर प्रदेश में चांदी की खुदरा कीमतों में भी सात अक्टूबर को गिरावट देखी गई है। राज्य में एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,55,900 रुपये पर पहुंच गया। इस महीने की शुरुआत में चांदी का भाव 2,60,900 रुपये प्रति किलोग्राम था, जिसका अर्थ है कि अक्टूबर माह के शुरुआती दिनों में ही इसमें कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर दिसंबर एक्सपायरी वाली चांदी के सौदे 2,25,770 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास होते देखे गए। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वायदा बाजार और खुदरा बाजार की कीमतों में अंतर हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चांदी की कीमतों में करीब तीन फीसदी की गिरावट आई है। कीमती धातुओं के ये भाव बाजार की उपलब्धता पर निर्भर करते हैं। उपभोक्ता आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज और जीएसटी की जांच अनिवार्य रूप से करें ताकि वे किसी भी प्रकार के भ्रम से बच सकें।
अंतरराष्ट्रीय कारकों का घरेलू बाजार पर दबाव
घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का सीधा प्रभाव पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यानी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। सात अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमतों में 1.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद यह 4,113.89 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने में निवेश का आकर्षण कम होता है जिससे कीमतों में कमी आती है। अब आठ अक्टूबर को कारोबार के दौरान कीमती धातुओं के रुख पर निवेशकों और खरीदारों की विशेष नजर बनी रहेगी। त्योहारी सीजन के बीच कीमतों में हो रहे ये बदलाव आम लोगों की खरीद क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों को वैश्विक स्तर पर हो रहे उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर ही अपने वित्तीय निर्णय लेने चाहिए क्योंकि बाजार की अस्थिरता अभी बनी हुई है।