गुरुवार को बाजार में बड़ी बढ़त दर्ज की गई
भारतीय पूंजी बाजार में बुधवार की भारी कमजोरी के बाद गुरुवार को उल्लेखनीय सुधार देखा गया और प्रमुख सूचकांक मजबूत स्थिति में पहुंच गए। सेंसेक्स में एक हजार चार सौ अंकों की छलांग देखने को मिली जिसके चलते यह चौहत्तर हजार के अहम पड़ाव से ऊपर निकल गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बेहतर स्तर को छुआ। इस कारोबारी सत्र के दौरान बाजार बेहतर दायरे में खुला और इसके भीतर के आंकड़ों में भी जबरदस्त सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। शेयर बाजार के इस बड़े उछाल ने पूरे वित्तीय जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और कारोबारियों के बीच एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है। सूचकांक की इस भारी छलांग के पीछे कई महत्वपूर्ण आर्थिक कारक जिम्मेदार रहे हैं जिन्होंने बाजार को नई ऊंचाई पर पहुंचाने में पूरी ताकत लगा दी।
खरीदारी और विदेशी मुद्रा का दिखा असर
प्रमुख कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी लौटने से बाजार को बल मिला जिसमें मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग क्षेत्र के शेयर शामिल रहे। इसके अलावा उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़े शेयरों में भी ग्राहकों की गहरी रुचि देखी गई जिसके फलस्वरूप सूचकांक में यह बड़ी तेजी आई। मुद्रा बाजार में भारतीय मुद्रा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इकतीस पैसे मजबूत होकर चौरानबे दशमलव छियासी के स्तर पर जा पहुंची। केंद्रीय बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में किए गए हस्तक्षेप और नकदी प्रवाह को नियंत्रित करने वाले विभिन्न कदमों के चलते यह मजबूती हासिल हुई। इस बीच दुनिया भर में ऊर्जा की बढ़ती जरूरतों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल के दामों में खासी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर एक सौ चार दशमलव तीन शून्य डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी कमजोर होकर चौरानबे दशमलव शून्य नौ डॉलर पर आ गया। ऊर्जा कीमतों में आई इस नरमी ने देश के वित्तीय बाजार को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान की और निवेशकों का भरोसा काफी हद तक मजबूत कर दिया।
निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ
कारोबार में आई इस तूफानी तेजी की वजह से देश भर के निवेशकों की कुल संपत्ति में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले दिन के मुकाबले बढ़कर चार लाख करोड़ रुपये से भी अधिक के दायरे में ऊपर चला गया जिससे निवेशकों की जेब में बंपर कमाई आई। पिछले पांच सत्रों के भीतर सेंसेक्स में एक हजार सात सौ पंद्रह अंक से ज्यादा की वृद्धि दर्ज हो चुकी है जो बाजार के मजबूत रुझान को दर्शाती है। यदि तकनीकी संकेतकों की बात करें तो निफ्टी के लिए बाईस हजार पांच सौ पचास का आंकड़ा सबसे बड़ा निर्णायक स्तर बना हुआ है। जानकारों के अनुसार यदि सूचकांक इस सीमा से ऊपर बना रहता है और अपने तय प्रतिरोध को पार कर लेता है तो आने वाले दिनों में यह तेजी इसे तेईस हजार से तेईस हजार एक सौ पचास के स्तर तक ले जा सकती है। हालांकि इस दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव का रुख भी बना रहा और वोलैटिलिटी सूचकांक में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता भी महसूस हुई।