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वैश्विक निवेश: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिकागो में निवेशकों को भारत में उत्पादन करने का किया आह्वान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिकागो के दौरे पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने और देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित किया है।
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Ankit Yadav
30 अग 2026, 14:13
भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और स्थिर केंद्र के रूप में स्थापित करने के निरंतर प्रयासों के तहत, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में अमेरिका के शिकागो शहर में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दुनिया भर के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों का आह्वान किया कि वे भारत की विनिर्माण क्षमताओं का लाभ उठाएं और देश की धरती पर उत्पादन इकाइयों की स्थापना करके वैश्विक बाजारों के लिए अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करें। वित्त मंत्री का यह बयान भारत सरकार की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत देश को दुनिया का एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक भागीदारी
भारतीय नेतृत्व हमेशा से ही इस बात पर जोर देता आया है कि देश में निवेश के अपार अवसर मौजूद हैं और सरकार व्यापार को आसान बनाने यानी 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के लिए लगातार सुधार कर रही है। शिकागो में उपस्थित वैश्विक निवेशकों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार भारत के पास एक विशाल घरेलू बाजार के साथ-साथ कुशल और युवा कार्यबल की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा, देश के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार किए गए हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स और परिवहन की लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए निवेशकों के लिए यह सही समय है कि वे भारत में दीर्घकालिक निवेश करें और वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच को और अधिक विस्तृत बनाएं।
पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने मेक इन इंडिया पहल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई को आकर्षित करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों ने भारत को अपने मुख्य विनिर्माण केंद्रों के रूप में देखना शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से मिलने वाले विभिन्न प्रोत्साहन, कर रियायतें और पारदर्शी नीतियां अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ा रही हैं। शिकागो में वित्त मंत्री द्वारा दिया गया यह निमंत्रण इसी विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक साझेदारी के नए द्वार खुलने की पूरी संभावना है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के वैश्विक दौरों और उच्च स्तरीय बैठकों से देश में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ता है, जिससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होता है और विनिर्माण क्षेत्र को गति मिलती है। जैसे-जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं नई चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत खुद को एक विश्वसनीय और लचीले आर्थिक साझेदार के रूप में पेश कर रहा है। शिकागो में वित्त मंत्री का यह संदेश अंतरराष्ट्रीय निवेशक समुदाय के बीच बहुत सकारात्मक रूप से गूंजा है और आने वाले समय में इसके ठोस परिणाम देखने को मिल सकते हैं, जिससे देश की आर्थिक वृद्धि को और अधिक बल मिलेगा।