हजरतगंज कोतवाली पहुंचने पर दिखा अनोखा अंदाज
हत्याकांड के सिलसिले में वांछित चल रही मुख्य आरोपित महिला को पकड़ने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश की विशेष कार्य बल और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने 20 अक्टूबर को नागपुर से इस महिला और उसके साथियों को दबोचा था। इसके बाद अधिकारियों का एक दल इस महिला को लेकर वाहन से सीधे राजधानी की हजरतगंज कोतवाली पहुंचा। कार्यालय के भीतर दाखिल होते समय इस महिला के हावभाव बेहद अजीब और चौकाने वाले थे। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के कड़े पहरे के बीच जब उसे एक कमरे के अंदर ले जाया जा रहा था, तब उसने अपनी हरकतों से सबको हैरान कर दिया। वह किसी फैशन शो के मंच पर चलने वाली मॉडल की तरह लगातार अपने हाथ हिला रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे वह किसी प्रतियोगिता में भाग ले रही हो और कैमरों के सामने प्रदर्शन कर रही हो। इस दौरान उसके चेहरे पर कानून का कोई खौफ या किसी भी प्रकार का पछतावा बिल्कुल नजर नहीं आ रहा था। उसके हावभाव को देखकर वहां मौजूद हर कोई अछंभे में पड़ गया कि गंभीर अपराध में पकड़े जाने के बाद भी किसी का ऐसा रवैया कैसे हो सकता है।
नागपुर से गिरफ्तारी के वक्त भी वाहन में बैठने से किया था इनकार
इस सनसनीखेज आपराधिक मामले की मुख्य आरोपित महिला के तेवर शुरू से ही कड़े और आक्रामक रहे हैं। नागपुर में जब सुरक्षा बलों ने उसे उसकी बहन और वाहन चालक के साथ पकड़ा था, तभी उसने अपनी जिद दिखानी शुरू कर दी थी। वहां की एक वीडियो क्लिप भी सामने आई थी जिसमें खाकी वर्दीधारी उसे एक बड़ी चार पहिया गाड़ी की पिछली पंक्ति में बैठने का अनुरोध कर रहे थे। लेकिन उसने स्पष्ट शब्दों में वाहन के पिछले हिस्से में बैठने से साफ मना कर दिया था। भारी हंगामे और मान-मनौव्वल के बाद अंततः सुरक्षा कर्मियों ने उसे बीच वाली सीट पर बैठाया था। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे। आम जनता का कहना था कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में नाम आने और फरार रहने के बावजूद इस महिला ने बड़े आराम से मेकअप करके अपना पक्ष रखा था। पकड़े जाने के बाद जब अधिकारियों ने उससे पूछताछ की, तब भी उसके तेवर में कोई नरमी नहीं आई। यहाँ तक कि सिविल अस्पताल में जब उसकी चिकित्सीय जांच कराई गई, तब भी उसके माथे पर शिकन तक नहीं आई और उसके चेहरे पर एक अलग ही अकड़ दिखाई दे रही थी।
मददगारों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस महकमे के अधिकारी अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रहे हैं कि इस महिला के इतने कड़े तेवर के पीछे असल वजह क्या है। अधिकारियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस महिला को किसी बड़े राजनीतिक संरक्षण का भरोसा है या फिर पर्दे के पीछे बैठकर कोई अन्य व्यक्ति इसकी मदद कर रहा है। मध्य क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त अर्पित विजयवर्गीय ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इस अपराध में शामिल सभी मददगारों के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच अधिकारी अब उन तमाम लोगों की सूची तैयार कर रहे हैं जिन्होंने गिरफ्तारी से बचने के दौरान या उससे पहले इस महिला को शरण दी थी या किसी भी तरह का सहयोग प्रदान किया था। पुलिस का यह स्पष्ट कहना है कि ठोस सबूत मिलने के बाद किसी भी सहयोगी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा। इससे पहले इस महिला ने इंटरनेट मीडिया पर अपने पक्ष में कई वीडियो जारी करके खुद को पूरी तरह निर्दोष होने का दावा किया था। हालांकि उन वीडियो में भी उसके चेहरे पर अपराध का कोई पछतावा नहीं झलकता था, जिससे जनता और पुलिस दोनों का शक और अधिक गहराता चला गया।