बडेसरा गांव में जुड़वां भाइयों की जघन्य हत्या
राजस्थान के डीग जिले के अंतर्गत आने वाले बडेसरा गांव में दो मासूम जुड़वां भाइयों की हत्या ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। इस दिल दहला देने वाली वारदात में विनय और विष्णु नामक जुड़वां बेटों की जान उनके ही घर में ले ली गई। पुलिस द्वारा की गई गहन जांच के बाद इस मामले का खुलासा हुआ कि बच्चों की मां प्रीति और उसके प्रेमी राजेश ने मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया है। दोनों आरोपियों ने रात के अंधेरे में धारदार हथियारों का इस्तेमाल करते हुए बच्चों पर हमला किया और उनकी हत्या कर दी। वारदात को छिपाने की नियत से आरोपियों ने दोनों मासूमों के शवों को गांव में कड़बी के पूंजों के ढेर में ले जाकर छिपा दिया था ताकि किसी को संदेह न हो। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक गोपीनाथ शरण कांबले ने इस दोहरे हत्याकांड के खुलासे के संबंध में जानकारी दी है। जनूथर थाना पुलिस ने ऑपरेशन संकल्प के तहत इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू की थी। घटनास्थल से पुख्ता सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल, डॉग स्क्वायड और एमओबी टीम की विशेष मदद ली। जांच के दौरान मिली कड़ियों और मनोवैज्ञानिक पूछताछ के बाद प्रीति और राजेश ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रेम-प्रसंग के उजागर होने के डर से ही दोनों ने बच्चों को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ में मिले तथ्यों को आधार बनाते हुए पुलिस ने आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस अब घटनाक्रम से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की कड़ी दर कड़ी पड़ताल कर रही है ताकि जांच पूरी की जा सके।
प्रेम-प्रसंग के चलते मासूमों की बलि
बडेसरा गांव में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस का मानना है कि प्रीति और राजेश के बीच चल रहे अवैध संबंधों की जानकारी यदि बच्चों या परिवार को मिलती, तो वे पकड़े जाते। इसी डर से बचने के लिए उन्होंने बच्चों की हत्या करने जैसा खौफनाक कदम उठाया। ऑपरेशन संकल्प के तहत की गई यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, जिसने बहुत ही कम समय में मासूमों के हत्यारों को बेनकाब कर दिया। वर्तमान में पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना से ठीक पहले क्या परिस्थितियां थीं और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। वैज्ञानिक सबूतों और आरोपियों के बयानों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि भविष्य में अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके। इस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जनूथर थाना पुलिस के मार्गदर्शन में जारी है।