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बड़ी कार्रवाई: उत्तराखंड के पूर्व सीएम के पीए के घर से 32 लाख कैश और सोना बरामद
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त जांच के तहत एक पूर्व मुख्यमंत्री के निजी सचिव के आवास पर बड़ी छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोना और बेशकीमती घड़ियां बरामद हुई हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
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Ankit Yadav
12 सित 2026, 11:58
उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस समय खलबली मच गई जब राज्य के एक पूर्व मुख्यमंत्री के निजी सहायक के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसियों द्वारा की गई इस छापेमारी में अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। भ्रष्टाचार के मामलों की रोकथाम और अवैध संपत्तियों की छानबीन के लिए चलाए जा रहे अभियानों के तहत यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, जांच दल को मौके से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत भी हाथ लगे हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है।
अकूत संपत्ति का खुलासा
विस्तृत जानकारी के मुताबिक, इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके से बत्तीस लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा करीब दो सौ ग्राम सोना भी अधिकारियों के हाथ लगा है, जिसे जब्त कर लिया गया है। सोने के आभूषणों और बिस्कुटों के मिलने से यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि इन संपत्तियों को अवैध तरीकों से अर्जित किया गया हो सकता है। नकदी और सोने के अलावा, घर से करोड़ों रुपये मूल्य की बेहद महंगी और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड घड़ियां भी बरामद की गई हैं। इन घड़ियों की कीमत और उनके आयात से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि इन्हें किन स्रोतों से खरीदा गया था।
इस उच्च स्तरीय कार्रवाई के बाद से राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक तंत्र में भारी तनाव का माहौल देखा जा रहा है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर हो सकते हैं, वहीं जांच एजेंसियों की इस कार्रवाई को पारदर्शी और निष्पक्ष शासन की दिशा में एक कड़ा कदम बताया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी अधिकारी के आवास से इस तरह की बेहिसाब संपत्ति का मिलना कई बड़े सवालों को जन्म देता है। जनता के बीच भी इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि आखिर किस प्रकार से जनता के पैसों का दुरुपयोग कर निजी संपत्तियां बनाई गईं।
आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद किए गए कैश और सोने के असली मालिक कौन हैं और क्या इस अवैध नेटवर्क में कुछ अन्य बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं। पीए से जुड़े अन्य ठिकानों और बैंक खातों की भी बारीकी से छानबीन की जा रही है ताकि भ्रष्टाचार की इस पूरी परत को उजागर किया जा सके। अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों को मजबूत करने के लिए फोरेंसिक और वित्तीय विशेषज्ञों की मदद भी ली जा रही है।