कंटाप
NEWS
मंगलवार, 1 सितंबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
नेपाल बाढ़ संकट: इस इलाके में शवों की पहचान क्यों मुश्किल- ग्राउंड रिपोर्ट      पुतिन आगे-आगे पीछे से दौड़े शहबाज शरीफ, SCO सम्‍मेलन में पाकिस्‍तानी PM की हरकत का उड़ा मजाक, वीडियो      फ्रेम से पीएम मोदी गायब, लेकिन कद कैसे घटाओगे? SCO समिट में शहबाज की ओछी हरकत, भारत ने दिखाया बड़ा दिल      'मक्खियों संग बाघों को भी नहीं बख्शेंगे', चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने अपनी 'नई आर्मी' से 100 जनरल हटाए, भारत के लिए जानें मतलब      खरगे को आगे कर कांग्रेस आखिर क्यों लंबा खींच रही दलित अपमान का मुद्दा? उत्तराखंड के बहाने कहां-कहां असली निशाना      चीन के टैंकर ने पहली बार राफेल जेट के अंदर हवा में भरा तेल, भारत और फ्रांस की बढ़ेगी टेंशन      गोवा से दिल्ली आ रही IndiGo की फ्लाइट का एक इंजन फेल, मोपा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग      S-400 ने दिखाया दम तो रूस ने खोला पिटारा! पुतिन का भारत को ऑफर- फाइटर जेट भी खरीद लो     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹ | SILVER (10g) ₹ | USD/INR ₹ | CRUDE OIL $ | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश ब्रेकिंग

बाढ़ का संकट: झारखंड में मूसलाधार बारिश से कई नदियां उफान पर और जनजीवन अस्त-व्यस्त

झारखंड में भारी बारिश के चलते गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जहां गंगा समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं और राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

A
Ankit Yadav
01 सित 2026, 20:18
बाढ़ का संकट: झारखंड में मूसलाधार बारिश से कई नदियां उफान पर और जनजीवन अस्त-व्यस्त
झारखंड राज्य में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है। लगातार बरस रहे बादलों के कारण पूरे क्षेत्र में जलभराव और भारी तबाही जैसी स्थितियां उत्पन्न हो गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि राज्य की प्रमुख जलधाराएं और नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुसीबतें कई गुना बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयां लगातार हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके।

गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

आपदा की इस घड़ी में सबसे चिंताजनक बात यह है कि पवित्र गंगा नदी सहित राज्य की अन्य तमाम नदियां अपने चेतावनी स्तर को पार कर चुकी हैं। पानी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों के निवासियों की नींद उड़ा दी है। कई जगहों पर नदियां अपने किनारों को तोड़कर रिहायशी बस्तियों और कृषि भूमि की ओर बढ़ने लगी हैं। जल स्तर में हो रही इस बेकाबू वृद्धि के कारण नदी के आसपास के गांवों और कस्बों में पानी घुसने का खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है, जिससे लोग दहशत में अपना आशियाना छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश करने को मजबूर हो रहे हैं। झारखंड के कई जिलों में इस समय बाढ़ जैसे हालात पूरी तरह से स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। सड़कों पर पानी भर जाने के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई है और कई प्रमुख मार्ग संपर्क से कट गए हैं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी हिस्सों तक में जलभराव ने लोगों की दैनिक गतिविधियों को ठप कर दिया है। बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल और शैक्षणिक संस्थान भी बंद कर दिए गए हैं ताकि बच्चों और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्थानीय प्रशासन और राहत दलों ने प्रभावित क्षेत्रों में मोर्चा संभाल लिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान तेज कर दिए हैं। आपदा से निपटने के लिए बचाव नौकाओं और आवश्यक उपकरणों को तैनात किया गया है। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ और घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक आवश्यकता पड़ने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें और पूरी सावधानी बरतें।
कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज