कंटाप
NEWS
शुक्रवार, 23 अक्तूबर 2026
Follow Us
ब्रेकिंग
‘उतनी तो श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग नहीं होती जितनी...', PM मोदी ने कांग्रेस पर कसा जोरदार तंज; जानें और क्या      स्पीकर ओम बिरला की दो टूक, अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव...      'शिमला में भुट्टो से मिली थीं इंदिरा', रूबियो से मुंबई में मिलने के विवाद पर बोले जयशंकर      सऊदी अरब में बांग्लादेशी महिला कामगार कितनी सुरक्षित हैं?      टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: कोर्ट में फूट-फूटकर रोई राधा, अब पुलिस उगलवाएगी राज      "ट्रंप के बयान बेतुके और अस्वीकार्य": मैक्रों ने फ्रांस में दंगों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर किया पलटवार      ज्ञानेश कुमार पर आर-पार, इस बार बीजेपी भी तैयार... SIR पर आज फिर छिड़ेगा संग्राम!      दिल्‍ली नगर निगम में विकास निधि-प्रदूषण पर AAP का हंगामा, पार्षदों में हाथापाई की नौबत; मेयर को सुरक्षित निकाला     
SENSEX लोड हो रहा... | NIFTY लोड हो रहा... | GOLD (10g) ₹— | SILVER (10g) ₹— | USD/INR ₹— | CRUDE OIL $— | Uttar Pradesh — लोड हो रहा है | --:--:-- | लाइव अपडेट
@NewsKantap:
देश

'मेक इन इंडिया' से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा भारत, घरेलू कंपनियों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर घट रही विदेशी सैन्य आयात पर निर्भरता

रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन और तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की रिपोर्ट जारी की है।

A
Ankit Yadav
29 अग 2026, 13:00
'मेक इन इंडिया' से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा भारत, घरेलू कंपनियों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर घट रही विदेशी सैन्य आयात पर निर्भरता

भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत देश के रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार की नीतियों और प्रोत्साहन योजनाओं का उद्देश्य घरेलू रक्षा कंपनियों, निजी उद्योगों और स्टार्टअप्स को आधुनिक सैन्य उपकरण और तकनीक विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके परिणामस्वरूप भारत धीरे-धीरे विदेशी सैन्य आयात पर अपनी निर्भरता कम करने और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अत्याधुनिक हथियारों, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, संचार उपकरण और अन्य रक्षा तकनीकों के घरेलू निर्माण से न केवल देश की रणनीतिक क्षमता मजबूत हो रही है, बल्कि भारतीय उद्योगों के लिए नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

घरेलू रक्षा उद्योग को मिला बढ़ावा

सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे देश के युवा उद्यमियों और तकनीकी विशेषज्ञों को नई रक्षा तकनीक विकसित करने का अवसर मिल रहा है। स्वदेशी कंपनियां अब पारंपरिक सैन्य उपकरणों के साथ-साथ ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, निगरानी प्रणाली और आधुनिक संचार तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रही हैं। रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी से प्रतिस्पर्धा और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, घरेलू स्तर पर उपकरण तैयार होने से भारतीय सशस्त्र बलों की जरूरतों को तेजी से पूरा करने में भी मदद मिल सकती है।

आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की ओर बढ़ता भारत

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध देश की रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी है। विदेशी आयात पर अत्यधिक निर्भरता कम होने से महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों और तकनीकों की उपलब्धता के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता घट सकती है। इसके साथ ही स्वदेशी रक्षा उत्पादन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश में अनुसंधान एवं विकास को भी गति मिलेगी। आने वाले समय में यदि सरकार, रक्षा कंपनियां, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थान मिलकर काम करते हैं, तो भारत न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो सकता है, बल्कि वैश्विक रक्षा बाजार में भी एक प्रमुख निर्माता और निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।

कंटाप
NEWS
होम 🇮🇳 देश 🗺️ राज्य 🌍 विदेश 🏛️ राजनीति 💼 व्यापार 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 💻 टेक्नोलॉजी 🏥 स्वास्थ्य 📚 शिक्षा 🕉️ धर्म वीडियो राशिफल खोज